Nationalwheels

रूस ने बनाई नेक्स्ट जेनरेशन गन, देखिए वीडियो राष्ट्रपति पुतिन ने कैसे की तारीफ

रूस ने बनाई नेक्स्ट जेनरेशन गन, देखिए वीडियो राष्ट्रपति पुतिन ने कैसे की तारीफ
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
रूसी हथियार दुनियाभर में सेनाओं को आकर्षित करते हैं. बड़े हथियारों के साथ आमने-सामने की लड़ाई में दुश्मन के छक्के छुड़ा देने वाले छोटे और उन्नत हथियारों के विकास में भी रूस किसी भी अन्य देश को मात करता है. एके-47 दुनियाभर में अपनी पॉवर के लिए कुख्यात है. हालांकि, अब रूस एके सीरीज में एके-205 श्रेणी का हथियार विकसित कर चुका है. यह अगली पीढ़ी यानी नेक्स्ट जेनरेशन हथियार माने जा रहे हैं.  इसके साथ ही एमआई-17 एसाल्ट रायफल भी रूस ने विकसित किए हैं. नेक्स्ट जेनरेशन के रिवाल्वर भी रूस ने बनाए हैं. रूस की न्यूज एजेंसी आरटी ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें हथियार निर्माता कंपनी के अफसरों और सैन्य अफसरों के साथ राष्ट्रपति पुतिन इन हथियारों का निरीक्षण कर रहे हैं.

ये हैं रूस के नए एसाल्ट रायफल
कलाश्निकोव एके असॉल्ट राइफल्स की “200वीं” श्रृंखला को शुरू में मूल “100वीं” श्रृंखला (AK-74M, AK-101 … AK-105) के एक उन्नत संस्करण का उत्पादन करने के प्रयास में शुरू किया गया. बताते हैं कि नई पीढ़ी के हथियार में अधिकांश सुधार एर्गोनॉमिक्स पर केंद्रित हैं.
हालांकि, एके-200 सीरीज के एसाल्ट रायफलों के विकास का कार्य वर्ष 2011 में अस्थायी रूप से रोक दिया गया था. परंतु, 2016 में इसे फिर से शुरू कर दिया गया. एके-200-श्रृंखला कलाश्निकोव हमला राइफलें मानी जाती हैं. इसमें तीन कैलीबर (5,45 मिमी, 5,56 मिमी और 7.62 शामिल है.
रूसी सेना वजन में अधिक उन्नत और लाइटर एसाल्ट से लैस होने के लिए तैयार है. बताते हैं कि कुछ हद तक महंगी AK-12 और AK-15 असॉल्ट राइफलें भी हैं. मूल रूप से “एके-200-सीरीज़” राइफलें AK-74M1,  AK-101M, AK-102M आदि जैसे नामों के तहत प्रदर्शित की जाती थीं. हालांकि, 2018 के बाद से इन्हें आधिकारिक तौर पर AK-200, AK-201 और AK-205 के रूप में नामित किया जाने लगा है.
5.45 मिमी कलाश्निकोव एके-200 असॉल्ट राइफल 5.45 मिमी कलाशनिकोव एके-200 असॉल्ट राइफल डिस्प्ले पर 200-श्रृंखला कलाश्निकोव राइफल्स में एक ही मूल डिजाइन, लेआउट और प्रमुख विशेषताएं हैं, लेकिन सुविधा में एर्गोनॉमिक्स और आधुनिक सहायक इंटरफेस शामिल हैं. सभी राइफलों में रोटरी बोल्ट लॉकिंग और समान स्टैम्ड स्टील रिसीवर्स के साथ लंबी स्ट्रोक गैस पिस्टन होती है.
हालांकि, शीर्ष ट्रूनियन और रियर दृष्टि के आधार को शीर्ष कवर काज को शामिल करने के लिए इसे फिर से डिज़ाइन किया गया है. शीर्ष कवर को ही शीर्ष पर पिकातिनी रेल और पीछे के लॉकिंग तंत्र के साथ संशोधित किया गया है. Disassembly के लिए, उपयोगकर्ता को शीर्ष कवर कुंडी को घुमाना पड़ता है, जो कवर के दाईं ओर स्थित है.
अन्य परिवर्तनों में साइड-फोल्डिंग, टेलिस्कोपिंग शोल्डर स्टॉक विथ4 पोजीशन शामिल हैं. स्टॉक 40 मिमी अंडरब्रेल ग्रेनेड लांचर के नियमित उपयोग का सामना करने के लिए पर्याप्त मजबूत बताई गई है.
नई पॉलिमर पिस्तौल पकड़ और नए बहुलक फ़ॉन्ड्रेटेड पिक्टैनी रेल्स को प्रत्येक बंदूक पर फिट किया जाता है. बैरल लम्बी “बर्डकेज” टाइप फ्लैश हेंडर्स/ कम्पेसाटर से लैस हैं. पूर्ण आकार की बंदूकें (5.45 मिमी AK-200, 5.56 मिमी AK-201 और 7.62 मिमी AK-203) एक अंडरबर्ल ग्रेनेड लांचर (यानी जीपी -34) या एक संगीन भी लगाया जा सकता हैं. सभी संस्करणों को सुपरसोनिक गोला बारूद के लिए अनुकूलित साइलेंसर से भी लैस किया जा सकता है.
(एके-205 श्रेणी की एसाल्ट रायफल)
गौरतलब है कि रूस ने भारत में एके-103 श्रेणी की रायफलों के निर्माण को लेकर बातचीत की है. भारतीय सेनाओं ने इसमें रुचि दिखाई है. रोचक यह है कि भारत में एके-47 और एके-56 रायफलें सेना के साथ पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस के साथ आतंकी और नक्सली भी इस्तेमाल कर रहे हैं. विभिन्न हिस्सों में फैले तमाम माफियाओं के गैंग भी अब एके-47 से लैस हो चुके हैं.
Caliber
AK-200: 5.45х39
AK-201: 5.56х45
AK-203: 7.62х39
AK-202: 5.56х45
AK-204: 7.62х39
AK-205: 5.45х39
Action
Gas operated, rotary bolt locking
Length, mm
880-940
705 (stock folded)
775-835
590 (stock folded)
Barrel length, mm
415
314
Weight with empty magazine, kg
4,1
3,8
Rate of fire, rounds/minute
600
600
Magazine capacity, rounds
30
30
Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *