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भारत के नए मानचित्र में शामिल हुआ पूरा जम्मू कश्मीर और लद्दाख़, पाकिस्तान और चीन को है तगड़ा जवाब

भारत के नए मानचित्र में शामिल हुआ पूरा जम्मू कश्मीर और लद्दाख़, पाकिस्तान और चीन को है तगड़ा जवाब
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त किए जाने के बाद मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. तात्कालिक तौर पर भले ही देश को इसका कोई फायदा न मिले लेकिन कूटनीतिक जंग में यह पाकिस्तान और चीन को भारत की ओर से इस बात का तगड़ा जवाब है कि पाकिस्तान अधिकृत पीओके और चीन के कब्जे वाला लद्दाख भी भारत का हिस्सा है. अब भारत के नए राजनीतिक नक्शे में पीओके का मुजफ्फराबाद भी शामिल कर लिया गया है. नए नक्शे गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास और ट्राइबल टेलिटॉरी को शामिल किया गया है. इस नक्शे के मुताबिक भारत की राजनीतिक सीमा अफगानिस्तान और रूस से भी मिलती है तो लद्दाख तिब्बत से भी जुड़ा हुआ है.
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में और गृह मंत्री अमित शाह की देखरेख में संसद की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को प्रभावी तौर से निराकरित करने और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 जारी करने के उपरांत भूतपूर्व जम्मू और कश्मीर राज्य, 31 अक्टूबर 2019 को नए जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र तथा नए लद्दाख़ संघ राज्य क्षेत्र के रूप में पुनर्गठित हो गया है.
केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नए लद्दाख़ संघ राज्य क्षेत्र में कारगिल तथा लेह दो ज़िले हैं. भूतपूर्व जम्मू और कश्मीर राज्य का बाक़ी हिस्सा नए जम्मू और कश्मीर राज्य संघ क्षेत्र में है. सरकार ने कहा है कि बंटवारे के बाद 1947 में भूतपूर्व जम्मू और कश्मीर राज्य में कुल 14 जिले थे. इसमें कठुआ, जम्मू, ऊधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला, पुँछ, मीरपुर, मुज़फ़्फ़राबाद, लेह और लद्दाख़, गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास और ट्राइबल टेरिटॉरी.
2019 तक भूतपूर्व जम्मू और कश्मीर की राज्य सरकार ने इन 14 ज़िलों के क्षेत्रों को पुनर्गठित करके 28 ज़िले बना दिए थे. नए जिलों के नाम हैं – कुपवारा, बान्दीपुर, गंडेरबल, श्रीनगर, बड़गाम, पुलवामा, शूपियान, कुलगाम, राजौरी, रामबन, डोडा, किश्‍तवाड़, साम्बा और कारगिल.

इनमें से कारगिल ज़िले को लेह और लद्दाख़ ज़िले के क्षेत्र में से अलग करके बनाया गया था. राष्ट्रपति ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (कठिनाइयों को हटाना) दूसरे आदेश, 2019 द्वारा नए लद्दाख़ संघ राज्य क्षेत्र के लेह ज़िले को कारगिल ज़िला बनने के बाद 1947 के लेह और लद्दाख़ ज़िले के बाक़ी क्षेत्र में 1947 के गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास और ट्राइबल टेरिटॉरी जिलों के क्षेत्रों को समावेशित करते हुए परिभाषित किया है.
इस आधार पर 31 अक्टूबर 2019 को सृजित नए जम्मू और कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र नए लद्दाख़ संघ राज्य क्षेत्र और भारत के मानचित्र में इन दोनों नए संघ क्षेत्रों को दर्शाते हुए सर्वेअर जेनरल ओफ़ इंडिया द्वारा तैयार किये गए मानचित्र हैं.

 


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