Nationalwheels

सालभर की हुई नई दिल्ली-वाराणसी प्रथम वंदे भारत एक्सप्रेस, कुनबा बढ़ाने की तैयारी

सालभर की हुई नई दिल्ली-वाराणसी प्रथम वंदे भारत एक्सप्रेस, कुनबा बढ़ाने की तैयारी

भारतीय रेलवे की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन नई दिल्ली- वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस ने सफलता के साथ एक साल पूरे कर लिए हैं

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारतीय रेलवे की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन नई दिल्ली- वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस ने सफलता के साथ एक साल पूरे कर लिए हैं. ट्रेन की पहली वर्षगांठ पर पर रेलवे ने शानदार स्वागत कर यात्रियों को भौचक कर दिया. मंगलवार को रेलवे अफसरों ने इलाहाबाद जंक्षशन पर यात्रियों को गुलाब का फूल भेंटकर नई भारतीय रेल का मुजाहिरा किया.
भारतीय रेल यात्रियों को आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त गाड़ियों को उच्च गति पर चलाने हेतु निरंतर प्रयासरत है. उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आगरा मंडल में भारतीय रेक की सर्वाधिक गति 160 किमी / घंटा की गति से चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस एवं इलाहाबाद मंडल में भारतीय रेल की सर्वाधिक औसत गति 104 किमी/घंटा की गति से चलने वाली सेमी हाई स्पीड वन्दे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है. सामान्यतया नई दिल्ली से वाराणसी के मध्य अन्य गाड़ियां लगभग 12 घंटे का समय लेती हैं, जबकि वन्दे भारत 08 घंटे में इस दूरी को तय कर लेती है.
वंदे भारत एक्सप्रेस का समय पर चलने का कीर्तिमान है. यह गाड़ी घने कोहरे के मौसम में विलंबित तो हुई लेकिन अपने एक वर्ष के दौरान कभी निरस्त नहीं हुई. गाड़ी सं 22436 की समय पालनता 87.6% एवं गाड़ी सं 22435 की समय पालनता 76.5% रही है. एक वर्ष के दौरान इस गाड़ी द्वारा लगभग 6 लाख 72 हजार (22435 में 348391 तथा 22436 में 323501) यात्रियों ने यात्रा किया. इस ट्रेन से रेलवे को लगभग रुपये 92 करोड़ 30 लाख की आय हुई. निर्माण लागत करीब 98 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा ट्रेन ने पहले साल में ही वसूल लिया है. इस गाड़ी की उपयोगिता (occupancy) 117.2% तथा आय (Earning) 89.18% रही है, जो भारतीय रेलवे की कई दूसरी ट्रेनों से ज्यादा है.
वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 16 कोच लगाये गए हैं, जिसमें 02 Executive Chair Car तथा 14 AC Chair Car हैं. इसमें कुल 1128 सीट हैं. प्रत्येक Executive Chair Car में 52 सीट तथा 02 AC Chair Car में 44 – 44 सीट है. 12 AC Chair Car प्रत्येक में 78 सीट हैं. यह गाड़ी अधिकतम 180 किमी प्रति घंटा की गति से चलने में सक्षम है लेकिन  इलाहाबाद मंडल में यह गाड़ी अभी अधिकतम 130 किमी प्रति घंटा की गति से चलाई जा रही है.

इसके प्रत्येक कोच में 02 टायलेट तथा 06 CCTV कैमरे लगाये गए हैं. इसमें स्टेनलेस स्टील के बेहद खुबसूरत एवं मॉडर्न लुक वाले कोच लगाये गए हैं. इसका ब्रेकिंग सिस्टम अच्छा है. 800 मीटर के अन्दर गाड़ी को नियंत्रित किया जा सकता है. इसमें यात्रियों को जर्क नहीं महसूस होता है. इसमें ऑटो क्लोजिंग डोर और स्लाइडिंग फुट स्टेप्स लगाये गए हैं. Executive Chair Car की सीट 180 अंश पर घूम सकती है. यात्री अपनी सुविधानुसार इसे घुमा सकते हैं. दृष्टि बाधित यात्रियों की जानकारी हेतु प्रत्येक सीट के पास ब्रेल लिपि का भी प्रयोग किया गया है तथा प्रत्येक कोच में टाक बैक की सुविधा प्रदान की गई है. इमरजेंसी अलार्म बटन की सुविधा भी प्रदान की गई है, जिसके माध्यम से यात्री लोको पायलट को किसी विशेष परिस्थिति में जानकारी से अवगत करा सकते हैं और लोको पायलट तदनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करता है.
नई दिल्ली – वाराणसी के मध्य आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयुष गोयल द्वारा किया गया था. रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड के प्रमुख अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य ने नई दिल्ली से वाराणसी तक यात्रा भी किया था.
हालांकि, वंदेभारत एक्सप्रेस का कुनबा उस रफ्तार से नहीं बढ़ सका, जिसकी उम्मीद थी. दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से श्रीवैष्णोधाम कटड़ा रेलवे स्टेशनों के बीच चल रही है. पूरी तरह से स्वदेशी और कम लागत में तैयार वंदे भारत एक्सप्रेस को तैयार करने वाले अफसरों को विजिलेंस जांच का भी सामना करना पड़ा. तमाम उतार-चढ़ावों के बाद अब चेन्नई स्थित आईसीएफ ने नई वंदेभारत एक्सप्रेस के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है. उम्मीद है कि अगले सालभर में वंदेभारत सीरीज की ट्रेनों का कुनबा बढ़ना शुरू हो जाएगा.

 


Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *