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#NCR : टूंडला में तो हद हो गई, अवैध वेंडर पकड़ने वाले चेकिंग स्टाॅफ पर अपनों ने ही करा दी दुर्व्यवहार की FIR

#NCR : टूंडला में तो हद हो गई, अवैध वेंडर पकड़ने वाले चेकिंग स्टाॅफ पर अपनों ने ही करा दी दुर्व्यवहार की FIR

प्रयागराज  : उत्तर मध्य रेलवे के टूंडला रेलवे स्टेशन पर तो गजब हो गया है। ट्रेनों से 10 अवैध वेंडरों को पकड़ने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ पर उनके ही अधिकारियों ने मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। अब टिकट चेकिंग स्टाफ को विभागीय जांच का सामना करना होगा। सभी को नोटिस जारी हो चुकी है। काली कमाई के लिए अवैध वेंडर्स को संरक्षण देने के इस पूरे खेल के अहम खिलाड़ी जीआरपी और आरपीएफ वाले भी मैच की इस रोचकता का “आनंद” उठा रहे हैं।

बताते हैं कि टूंडला के सीआईटी स्टेशन सीपी गर्ग ने आम्रपाली एक्सप्रेस से 10 अवैध वेंडर्स को पकड़ा। इसकी जानकारी होने पर एक समूह ने सीआईटी कार्यालय में धावा बोल दिया। अवैध वेंडर्स को छुड़ा ले गए। आरोप है कि इस दौरान सीएमआई एसके मीणा, सीआईटी प्रशासन बीएस मीणा, सीआईटी स्टेशन सीपी गर्ग, सीआईटी मोहम्मद शमीम के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार भी हुआ। हैरत यह कि जीआरपी और आरपीएफ थाने के बीचोबीच बने टिकट चेकिंग स्टाफ कार्यालय में इतना हंगामा हुआ लेकिन दोनों थानों से कोई झांकने भी नहीं आया।

सीपी गर्ग की तहरीर पर स्टेशन पर ही खुले आरके फूड प्रोडक्ट के मैनेजर वीकेश यादव, अभय धांसू, मुलायम और आशा समेत 15 के खिलाफ जीआरपी में मुकदमा दर्ज हुआ। इस मुकदमे को दर्ज कराने के लिए डीटीएम संजय कुमार को भी जोर लगाना पड़ा।

इस घटनाक्रम के बाद आरके फूड के मैनेजर ने सीआईटी स्टेशन सीपी गर्ग, मुख्य चिकित्सा निरीक्षक श्रीकृष्ण मीणा और सीआईटी बीएस मीणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि 20 हजार रुपये की मासिक वसूली को बढ़ाकर 40 हजार रुपये मांगा जा रहा है। न देने पर मेडिकल कार्ड धारक और मेडिकल फिट वैध वेंडरों को पकड़ लिया गया।

क्रास एफआईआर होने के बाद कहानी का नया किरदार सामने प्रकट हुआ। बताते हैं कि डीटीएम कार्यालय से चेकिंग स्टाफ को जांच के लिए तलब किया गया। बृहस्पतिवार को यहां भी हंगामे का आरोप लग गया।

डीटीएम कार्यालय के कर्मचारी सहायक अधीक्षक विनय गुप्ता ने जीआरपी में सीआईटी सीपी गर्ग, सीआईटी बीएस मीणा, सीएमआई श्रीकृष्ण मीणा, सीआईटी लाइन एमएल मीणा को जांच के लिए बुलाया था। सहायक अधीक्षक ने चारों के खिलाफ महिला कर्मी के साथ अभद्रता, अरुण कुमार को जाति सूचक शब्द इस्तेमाल करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए एफआईआर करा दी है।

चर्चा यह है कि यह पूरा कांड अवैध वेंडरों से वसूली से जुड़ा हुआ है। इस मामले में जीआरपी, आरपीएफ और टिकट चेकिंग स्टाफ ही नहीं, डीटीएम कार्यालय भी संदेह के घेरे में है। वजह, स्टेशन से लेकर ट्रेन तक एक मेडिकल कार्ड धारक वेंडर के बदले 10-10 अवैध वेंडर्स काम कर रहे है। यही हाल कानपुर, प्रयागराज, इटावा, छिवकी, मानिकपुर समेत सभी स्टेशनों की है।

जीआरपी और आरपीएफ की मर्जी के बिना किसी प्लेटफार्म और ट्रेन में कोई अवैध वेंडर चल सके, यह संभव नहीं है। इसीलिए टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा अवैध वेंडरों को पकड़े जाने के मामले में जीआरपी और आरपीएफ ने कोई कदम नहीं उठाया। बल्कि, आरपीएफ थाना प्रभारी ने कहा कि अवैध बिल्डिंग के खिलाफ जांच करने के पहले टिकट चेकिंग स्टाफ की तरफ से लिखित सूचना दी जाती है। इस मामले में कोई सूचना नहीं दी गई।

प्रकरण में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह का कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी मिलेगा, डिवीजन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

 

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