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सपा के स्टार प्रचारकों की सूची से संस्थापक मुलायम सिंह यादव का नाम गायब

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है लेकिन इस सूची से पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का नाम हटा दिया गया है. इस लिस्ट में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव और राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के नाम तो शामिल हैं, लेकिन पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का नाम इस सूची से गायब है. इससे यह साफ हो गया है कि मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से लोकसभा चुनाव तो लड़ेंगे लेकिन बतौर स्टार प्रचारक पार्टी के लिए वोट की अपील करने का मौका उन्हें नहीं मिलेगा.
40 स्टार प्रचारकों की यह लिस्ट समाजवादी पार्टी के दिल्ली ऑफिस से जारी की गई है. इसमें सबसे पहला नाम अखिलेश यादव का है. अखिलेश के अलावा रामगोपाल यादव, आजम खान, जया बच्चन, डिंपल यादव, राजेंद्र चौधरी, रामगोविंद चौधरी, अहमद हसन, जावेद अली खां, विशम्भर प्रसाद निषाद, सुरेंद्र नागर, तेज प्रताप यादव, नरेश उत्तम पटेल, मौलाना यासीन अली उस्मानी, मनोज पारस, महबूब अली और शाहिद मंजूर समेत कमाल अख्तर और आशु मलिक को भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में रखा गया है. समाजवादी परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव को इस लिस्ट में जगह नहीं मिली है. हालांकि, उनकी सीट पर बसपा सुप्रीमो मायावती भी प्रचार करने पहुंचेंगी.
उत्तर प्रदेश में गठबंधन कर चुनाव लड़ रही सपा-बसपा और आरएलडी साझा प्रचार भी करेंगी. तीनों दलों के नेता मिलकर यूपी में करीब 11 रैलियां करेंगे, जिसकी शुरुआत 7 अप्रैल को पश्चिम यूपी के देवबंद से होगी. इसके बाद 19 अप्रैल को मैनपुरी में सपा-बसपा और आरएलडी के दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव के लिए प्रचार करने पहुंचेंगे.
17 अप्रैल को होने वाली रैली को कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है. वजह, एक दूसरे के कट्टर विरोधी बन चुके नेता एक मंच पर नजर आएंगे. इसमें मुलायम सिंह यादव और मायावती भी मंच पर रह सकते हैं. ऐसा हुआ तो लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड के बाद यह पहला मौका होगा जब दोनों नेता मंच साझा करेंगे. हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि सपा-बसपा गठबंधन के विरोधी मुलायम सिंह यादव का मायावती को सामने देखकर कैसी भाव-भंगिमा और प्रतिक्रिया रहती है.
फिलहाल, मैनपुरी में सपा का दबदबा है. ऐसे में यहां की रैली मुलायम सिंह के वोट मांगने से कहीं ज्यादा पूरे प्रदेश में सपा-बसपा-आरएलडी की एकजुटता का संदेश देना होगा. हालांकि, जिस समाजवादी पार्टी को मुलायम सिंह यादव ने यूपी की सत्ता तक पहुंचाया है और केंद्र की यूपीए सरकार उसके समर्थन से पांच साल का समय पूरा किया है, उसके स्टार प्रचारकों की सूची में नाम न होना कई सवाल खड़े करता है.
ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में मुलायम सिंह यादव की ओर से दिए गए भाषण के बाद समाजवादी पार्टी के रणनीतिकारों को यह आशंका है कि भाषणों के दौरान मुलायम सिंह गठबंधन को लेकर कोई तीखी टिप्पणी न कर बैठें. स्वास्थ्य जैसी समस्या से भी इसे जोड़ा जा रहा है.

 

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