Nationalwheels

एमपी, राजस्थान सरकारों को बसपा की धमकी, मुकदमा खत्म करो या समर्थन वापस लें

एमपी, राजस्थान सरकारों को बसपा की धमकी, मुकदमा खत्म करो या समर्थन वापस लें
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स , प्रयागराज      
मध्य प्रदेश और राजस्थान की कांग्रेस सरकारों ने अभी सरकार बनाने का जश्न भी ठीक से नहीं मना सकी हैं, इसी बीच बहुजन समाज पार्टी ने रेड सिगनल दिखाना शुरू कर दिया है. मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को बसपा ने खुलेआम समर्थन वापसी की चेतावनी दे दी है. बसपा के दो विधायकों का कमलनाथ को समर्थन है. मंत्रिपद न मिलने से एक सदस्यीय समाजवादी पार्टी पहले से ही नाराज है.
बहुजन समाज पार्टी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हम मांग करते हैं कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में एससी/एसटी एक्ट 1989 के लिए 2 अप्रैल को आयोजित ‘भारत बंद’ के दौरान दर्ज किए गए मामलों को कांग्रेस सरकार तत्काल वापस ले. उन्होंने कहा है कि अगर मामलों को वापस नहीं लिया जाता है तो हमारा सरकार को समर्थन देना बेकार है. बसपा ने कहा कि हम कांग्रेस को बाहरी समर्थन देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे.
बता दें कि इससे पहले भी बसपा विधायक संजीव सिंह उर्फ संजू ने कहा था कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार को अन्य पार्टियों के विधायकों और निर्दलियों के प्रति अधिक उदार होना चाहिए, क्योंकि उनके समर्थन के कारण ही विधानसभा में कांग्रेस को बहुमत मिला है. राज्य में कांग्रेस सरकार और उसके नेतृत्व को बसपा के दो विधायकों के उनके प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए. उनका सम्मान किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणामों में कांग्रेस को 230 सदस्यीय विधानसभा में सबसे अधिक 114 सीटें मिलीं. जबकि भाजपा को 109 सीटों पर जीत मिली थी. बहुजन समाज पार्टी के दो के साथ ही साथ समाजवादी पार्टी के एक विधायक के साथ कुछ अन्य निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कांग्रेस ने बहुमत का आकड़ा छू लिया था और राज्य में सरकार बनाई थी. ऐसे में बसपा और सपा विधायकों के समर्थन वापस हो जाते हैं तो कांग्रेस सरकार के लिए खतरा बढ़ सकता है. क्योंकि, निर्दलियों में कोई किसी भी पार्टी के साथ खड़ा हो सकता है. राजस्थान में भी कांग्रेस की सरकार बसपा और निर्दलियों के समर्थन पर टिकी है.

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active and buzzing. Please subscribe here

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *