Hindi news, #PolKhol: आम बच्चों से कराते हैं पत्थरबाजी, खुद 112 अलगाववादियों ने अपने 220 बच्चे पढ़ने के लिए भेजे विदेश

#PolKhol: आम बच्चों से कराते हैं पत्थरबाजी, खुद 112 अलगाववादियों ने अपने 220 बच्चे पढ़ने के लिए भेजे विदेश

Hindi news, #PolKhol: आम बच्चों से कराते हैं पत्थरबाजी, खुद 112 अलगाववादियों ने अपने 220 बच्चे पढ़ने के लिए भेजे विदेश
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
मोदी सरकार 2.0 में गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर में अलगाववादियों को अलग-थलग करने के लिए रणनीति बदल ली है. अब शाह की अगुआई में गृह मंत्रालय नकाब के पीछे छिपे अलगाववादियों के असली चेहरों को बेनकाब करने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है. इसी अभियान में खुलासा हुआ है कि घाटी में स्कूली बच्चों से पत्थरबाजी कराने, आतंकियों के मारे जाने पर स्कूलों को जलवाने और हड़ताल कर स्कूल बंद कराने वाले अलगाववादी खुद अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते हैं. हुर्रियत नेताओं समेत घाटी के 112 अलगाववादी और उनसे सहानुभूति रखने वालों के कम से कम 220 बच्चे विदेश में पढ़ते या रहते हैं. आम कश्मीरियों के बीच जेहाद और कुर्बानी का नारा देने वाले अलगाववादियों की इस सचाई से घाटी का राजनेता, धनाड्य और उच्च तबके के लोग तो अच्छी तरह वाकिफ हैं लेकिन आम कश्मीरी इससे अनजान हैं. बदली रणनीति में अब ऐसा लग रहा है कि गृह मंत्रालय योजना के तहत अलगाववादियों की सचाई को बेनकाब करने वाली सच्चाई को बड़े पैमाने पर प्रचारित करने की तैयारी में है.

अलगाववादियों के खिलाफ ‘पोल-खोल’ अभियान

अलगाववादियों के खिलाफ इस ‘पोल-खोल’ अभियान की जमीन गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले हफ्ते तैयार की. वहीं, जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन के विस्तार के मुद्दे पर उन्होंने संसद में 130 हुर्रियत नेताओं के विवरण रखे जिन्होंने अपने बच्चों को हायर एजुकेशन के लिए विदेश भेज रखा है. अपने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा का ध्यान देने वाले ये अलगाववादी आम स्कूली बच्चों को पत्थरबाजी के लिए उकसाते हैं और स्कूलों को जबरन बंद कराते हैं.

गिलानी के बेटा पाकिस्तान में किया MBBS, अंद्राबी के बेटे भी विदेश में

गृह मंत्रालय के अफसरों ने बताया है कि तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई के 2 बेटे खालिद और आबिद अशरफ सऊदी अरब में काम करते हैं और वहीं बसे हुए हैं. दुख्तरान-ए-मिल्लत की आसिया अंद्राबी के 2 बेटे विदेश में पढ़ते हैं. उनका बेटा मुहम्मद बिन कासिम मलयेशिया और अहमद बिन कासिम ऑस्ट्रेलिया में पढ़ता है. जमात-ए-इस्लामी के सदर गुलाम मुहम्मद बट का बेटा भी सऊदी अरब में डॉक्टर है. युवाओं को भड़काने वाला सैयद अली शाह गिलानी का बेटा नीलम गिलानी ने हाल ही में पाकिस्तान में एमबीबीएस कोर्स पूरा किया है.

मीरवाइज की बहन अमेरिका में सेटल

हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक की बहन राबिया फारूक एक डॉक्टर हैं और अमेरिका में सेटल हैं. वहीदत-ए-इस्लामी नेता निसार हुसैन राठेर की बेटी ईरान में काम करती है और अपने पति के साथ वही पर सेटल है. मुस्लिम लीग के नेताओं मुहम्मद युसूफ मीर और फारूक गपतुरी की बेटियां भी पाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं. इसी तरह डेमोक्रैटिक मूवमेंट लीडर ख्वाजा फरदौस वानी की बेटी भी पाकिस्तान में मेडिकल कोर्स कर रही है. बिलाल लोन के बेटी-दामाद लंदन में सेटल हैं और उनकी छोटी बेटी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही है. अलगाववादी मोहम्मद शफी रेशी का बेटा अमेरिका में पीएचडी कर रहा है. वहीं अशरफ लाया की बेटी पाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है.
गौरतलब है कि मोदी सरकार 1.0 में गृहमंत्री रहे राजनाथ सिंह के कार्यकाल में अलगाववादी नेताओं के अर्थतंत्र पर सरकार ने हमला किया था. प्रवर्तन निदेशालय और एनआईए की कार्रवाइयों ने अलगाववादियों की कमर टेढ़ी कर दी. अब अलगाववादियों की प्रतिष्ठा के मान-मर्दन के प्रयास शुरू किए गए हैं.

 

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