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#ModiInKumbh सफाईकर्मियों के पांव पखार विह्वल हुए पीएम, नमामि गंगे को समर्पित की 1.30 करोड़ की पुरस्कार राशि

#ModiInKumbh सफाईकर्मियों के पांव पखार विह्वल हुए पीएम, नमामि गंगे को समर्पित की 1.30 करोड़ की पुरस्कार राशि
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कुंभ की भव्यता देखने के लिए पहुंचे. उन्होंने त्रिवेणी में डुबकी लगाई और देश की भलाई और मजबूती की प्रार्थना की. साथ ही स्वच्छता कर्मियों के पांव भी पखारे. पांव धुलकर कपड़े से पोछ उन्हें शॉल देकर सम्मानित किया.
पीएम मोदी ने स्वच्छता ग्रहियों के कार्य को सराहा. साथ ही नाविकों, पुलिस कर्मियों, प्रशासन और कर्मचारियों के कार्यों की तारीफ की. कहा कि प्रयागराज में करोड़ों लोग तप, ध्यान और साधना कर रहे हैं। यहां हठ योगी भी है, तपयोगी भी हैं, मंत्रयोगी भी हैं और इन्हीं के बीच मेले की व्यवस्था में लगे मेरे कमर्ठ कर्मयोगी भी हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुम्भ के कर्मयोगियों में साफ सफाई कर रहे स्वच्छाग्रही भी शामिल हैं. जिन्होंने अपने प्रयासों से कुम्भ के विशाल क्षेत्र में हो रही साफ सफाई को दुनिया में चर्चा का विषय बना दिया हैं. हर व्यक्ति के जीवन में अनेक ऐसे पल आते हैं, जो अविस्मरणीय होते हैं। आज ऐसा ही एक पल मेरे जीवन में आया है, जिन स्वच्छाग्रहियों के पैर मैंने धोये हैं, वो पल जीवनभर मेरे साथ रहेगा.

सियोल शांति पुरस्कार की राशि नमामि गंगे अभियान को दी

पीएम मोदी ने कहा कि जिस जगह पर बीते हफ्ते में 20-22 करोड़ से ज्यादा लोग जुटे हों, वहां पर व्यवस्था करना बड़ा मुश्किल था. लेकिन आप सभी ने साबित कर दिया है कि दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं है. नमामि-गंगे के लिए अनेक स्वच्छाग्रही तो योगदान दे ही रहे हैं, आर्थिक रूप से भी मदद कर रहे हैं. मैंने भी इसमें छोटा सा योगदान किया है. सियोल पीस प्राइज़ के तौर पर मुझे जो 1.30 करोड़ रुपए की राशि मिली थी, उसको मैंने नमामि-गंगे मिशन के लिए समर्पित कर दिया है.

पीएम ने नमामि गंगे अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि मैं पहले भी प्रयागराज आता रहा हूं, लेकिन गंगा जी की इतनी निर्मलता पहले नहीं देखी है. गंगाजी की ये निर्मलता नमामि-गंगे मिशन की दिशा व सरकार के सार्थक प्रयासों का उदाहरण है. इस अभियान के तहत प्रयागराज में गंगा में गिरने वाले 32 नाले बंद कराए गए हैं.

अक्षयवट के दर्शन को किया याद

आजादी के बाद से हमेशा अक्षय वट को किले में बंद कर के रखा जाता था लेकिन अब अक्षय वट को सभी के लिए खोल दिया गया है। मुझे बताया गया है कि रोज लाखों लोग अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं. आजादी के बाद से हमेशा अक्षय वट को किले में बंद कर के रखा जाता था लेकिन अब अक्षय वट को सभी के लिए खोल दिया गया है. मुझे बताया गया है कि रोज लाखों लोग अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं.
पिछली बार मैं जब यहां आया था तो मैंने कहा था कि इस बार का कुंभ अध्यात्म, आस्था और आधुनिकता की त्रिवेणी बनेगा. आज मुझे खुशी है कि आपने अपनी तपस्या से इसको साकार किया है. तपस्या को तकनीक से जोड़कर जो अद्भुत संगम बनाया गया, उसने भी सभी का ध्यान खींचा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुम्भ में ने जो भूमिका निभाई है उसकी भी चर्चा काफी हो रही है. आपका खोया-पाया विभाग तो बच्चों, बुजुर्गों को अपनों से मिला देता है. आपने अपने काम गंभीरता से किए हैं. इसलिए सुरक्षा में लगे लोग भी अभिनंदन के अधिकारी हैं.

प्रयागराज में जब कुम्भ लगता हैं तो सारा प्रयागराज ही कुम्भ हो जाता हैं. यहां के निवासी भी श्रद्धेय हो जाते है, प्रयागराज को एक खूबसूरत शहर के रूप में विकसित करने में और कुम्भ के सफल आयोजन करने में यहां के निवासियों ने भी पूरे देश को एक प्रेरणा दी है.

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