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रिकार्डतोड़ रोड शो में मोदी ने जीता काशी दा दिल, काशी ने जीता मोदी दा दिल, गंगा आरती भी

रिकार्डतोड़ रोड शो में मोदी ने जीता काशी दा दिल, काशी ने जीता मोदी दा दिल, गंगा आरती भी
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
वैसे तो दुनियाभर के सैलानियों में सुबह-ए-बनारस प्रसिद्ध है लेकिन गुरुवार को वाराणसी की शाम देश के हर उस घर के टीवी सेट पर देखी और सुनी गई जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों का है या विरोधी का. समर्थकों ने वाराणसी के रिकार्डधारी रोड शो का हाल जानने और पूर्वांचल में मोदी सरकार की लोकप्रियता का आकलन करने में दिमाग लगाया तो विरोधियों ने भी रोड शो का आकलन करने की कोशिश करने के लिए इसे देखा. रोड-शो में उमड़ी भीड़ और ठसाठस हुईं वाराणसी की हर गली ने हर-हर मोदी का जयघोष कर इरादा साफ कर दिया कि मुकाबले की धार किधर है.
नामांकन से ठीक एक दिन पहले निकाले गए रोड शो ने 2014 को भी पीछे छोड़ दिया. लंका से शुरू हुआ रोड शो दशाश्वमेघ घाट तक अस्सी और गोदौलिया के रास्ते पहुंचा. करीब छह किलोमीटर लंबे रोड शो ने मोदी ने काशी का दिल जीत लिया तो काशी ने मोदी का भी दिल जीत लिया.

अपने संसदीय क्षेत्र में दूसरी पारी खेलने पहुंचे मोदी के स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा.तीन बजे से उनका रोड शो प्रस्तावित था परंतु दो घंटे की देरी से शुरू हुए इस मेगा शो में अब तक के सारे रिकार्ड ध्वस्त हो गए. लंका से लाखों निगाहों की छाया से गुजरती हई विविध रंगों से सजी उनकी यात्रा मदनपुरा तक पहुंची तो काशी अभिभूत थी.मोदी पर फिदा थी.
बीएचयू के सामने लंका चौराहे पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था.  मोदी को तीन बजे यहां पहुंचना था पर वह करीब सवा पांच बजे शाम को काली रेंज रोवर से भगवा कुर्ता पहने उतरे तो मोदी-मोदी के नारे गूंज उठे. मोदी सीढि़यां चढ़कर पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पहुंचे और आधा शरीर झुकाकर दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम किया. मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद वह जनता की ओर घूमे.
मोदी की आंखों में इस सैलाब को देख खुशी साफ तौर पर झलक रही थी.यहां से उनका कारवां अस्सी की ओर मुड़ा. दोनों तरफ कतारबद्ध लोग मोदी की झलक पाने के लिए बेचैन हो गए. पीछे एक बड़े वाहन पर बनाये गये रथ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, लोकसभा क्षेत्र प्रभारी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड़डा समेत कई प्रमुख लोग सवार थे. मोदी, छत की मुंडेरों से झांक रहीं महिलाओं, बच्चों व बूढ़ों से हाथ हिलाकर अभिवादन करते और अपने ऊपर बरस रही गुलाब की पंखुडि़यों को चेहरे से हटाते.

फूलमालाओं और गुलाब की पंखुड़ियों से सराबोर काले रंग की रेंज रोवर गुलाबी हो गई थी. जहां तक नजर पहुंची, सिर ही सिर नजर आ रहे थे. विहंगम दृश्य था और मोदी की भावुकता उनके चेहरे पर झलक रही थी. काशी बोले ‘दिल से-मोदी फिर से’, जैसे नारे गूंज रहे थे. अपार जनसमर्थन के कारण चीटी की चाल हुआ रोड शो सात बजे तक भी मोदी गोदौलिया नहीं पहुंच सका. अस्सी से भदैनी तक उन पर जमकर फूल बरसे.
सोनारपुरा में तो अद़भुत मंजर था.  मदनपुरा में गंगा-जमुनी तहजीब जिंदा हो गई. मोदी की अगवानी में मुस्लिम समाज सबसे आगे था. यह पिछले पांच वर्षों के विश्वास का रिजल्ट बताने के लिए पर्याप्त दिख रहा था. मुबारक अली ने कहा,यह मोदी के भरोसे की जीत है क्योंकि उन्होंने बिना भेदभाव काम किया. सबसे दिलचस्प तो यह कि मुसलमान टोपी लगाए और गले में भाजपा का दुपट़टा भी पहने थे. मोदी मदनपुरा तक आए तो सड़कें जगमग हो गईं.
गोदौलिया में स्वागत की बड़ी तैयारी थी. लोग उत्साह से कह रहे थे कि काशी ने न तो 2014 में और न ही 2017 में यह जलवा देखा. मोदी के कटआउट भी चारों तरफ लहरा रहे थे. गोदौलिया चौराहे पर बने मंच पर मोदी सरकार की सभी योजनाओं को ठीक ढंग से प्रचारित किया गया था. गोदौलिया में सड़क पर ठसाठस भीड़ थी. इसके आगे दशाश्वमेध घाट पर मोदी को गंगा आरती में भी हिस्सा लिया.
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