एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों की बोलती बंद करेगी मोदी सरकार, गृहमंत्री ने दिया संकेत

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
स्थानीय राजनीति के कारण पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना के एयर स्ट्राइक को लेकर सवाल खड़े कर रहे लोगों की बोलती बंद करने का फैसला भी मोदी सरकार ने ले लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आज या कल में पता चल ही जाएगा कि बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के लिए एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम का उद्घाटन करने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) ने एयर स्ट्राइक से पहले वहां (बालाकोट में) करीब 300 मोबाइल फोन सक्रिय होने की सूचना दी थी और एनटीआरओ की प्रणाली विश्वसनीय है. मृतकों की संख्या के बहाने एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले नेताओं पर उन्होंने तंज किया कि क्या वहां ये मोबाइल पेड़ इस्तेमाल कर रहे थे.

गृहमंत्री ने सवाल किया कि अब उन्हें क्या एनटीआरओ पर भी भरोसा नहीं है? विपक्ष पर एयर स्ट्राइक को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पूछती हैं, ‘कितने मरे, कितने मरे? क्या हमारी वायु सेना को हमले के बाद जाकर लाशें गिननी चाहिए थीं.. 1,2,3,4,5…? क्या मजाक है?’
उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस के मेरे मित्रों को लगता है कि उन्हें संख्या पता होनी चाहिए तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि आप पाकिस्तान जाना चाहते हैं तो जाइए, वहां जाकर लाशें गिनिए और लोगों से पूछिए कि वायु सेना के हमारे जवानों ने कितने लोगों को मारा.’
राजनाथ ने कहा, ‘पाकिस्तान और उसके नेताओं का दिल जानता है कि कितने लोग मारे गए हैं.’ एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम के बारे में उन्होंने बताया कि ‘बॉर्डर इलेक्ट्रॉनिकली डोमिनेटेड क्यूआरटी इंटरसेप्शन टेक्नीक’ से बिना बाड़ के नदी वाले सीमाई इलाकों को सेंसर से सुसज्जित हो जाएगा, जिससे घुसपैठ की स्थिति में जवान त्वरित कार्रवाई कर सकें. गौरतलब है कि धुबरी जिले में ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश में प्रवेश करती है और सीमा का बड़ा हिस्सा नदी का तटीय इलाका है, जो घुसपैठियों के लिए बेहद मुफीद माना जाता है.
स्रोतः प्रेट्र

 

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