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भारत को इलेक्ट्रानिक्स हार्डवेयर उत्पादन का हब बनाने में जुटी मोदी सरकार, 5 साल में बढ़ा 41 बिलियन डॉलर कारोबार

भारत को इलेक्ट्रानिक्स हार्डवेयर उत्पादन का हब बनाने में जुटी मोदी सरकार, 5 साल में बढ़ा 41 बिलियन डॉलर कारोबार
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
रोजगार और कारोबार की अकूत संभावनाओं वाले इलेक्ट्रानिक्स हार्डवेयर के उत्पादन का हब भारत को बनाने के लिए केंद्र सरकार नए सिरे से माथापच्ची में जुट गई है. दुनियाभर की अग्रणी कंपनियां भारत में उत्पादन करें, इसके लिए केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद 16 सितंबर, 2019 को दिल्ली के विज्ञान भवन में इलेक्ट्रॉनिक उद्योग की वैश्विक हस्तियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे. इस बैठक में उद्योग जगत की समस्याओं, अवसरों और सरकार की आकांक्षाओं के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे भारतीय इलेक्ट्रॉनिक निर्माण क्षेत्र का तेजी से विकास हो.
भारत सरकार घरेलू इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के निर्माण को शीर्ष प्राथमिकता देती है, जो सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण आधार है. इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के निर्माण के प्रोत्साहन के लिए कई योजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रयासों से पिछले पांच वर्षों में, विशेषकर आयात को घटाने में काफी सफलता भी मिली है. इलेक्ट्रानिक गुड्स के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी पूंजी के प्रवाह को भी नियंत्रित करने में मदद मिली है. अनुमान है कि निर्माण बढ़ने से करीब 20 लाख लोगों को इस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुए हैं. साथ ही कीमतों में भी कमी आई है. भारत के इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं-
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की फ्लैगशिप निवेश योजना के तहत सीधे तौर पर 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए गए है.
  • घरेलू विनिर्माण क्षेत्र 2014-15 के 29 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2018-19 में 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है.
  • भारत विश्वभर में मोबाइल हैंड सेटों का दूसरे सबसे बड़े निर्माता के रूप में उभरा है और भारत में विश्व की सबसे बड़ी मोबाइल निर्माण संयंत्र मौजूद है.
  • एलसीडी/एलईडी टेलीविजनों के लिए निर्माण संयंत्रों की संख्या 25 से बढ़कर 35 हो गई है.
  • एलईडी लाइटों के निर्माण संयंत्रों की संख्या 10 से बढ़कर 128 हो गई है.
  • इलेक्ट्रॉनिक सामाग्रियों का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है.
सरकार और उद्योग जगत की लगभग 50 अग्रणी हस्तियों ने इस बैठक में अपनी भागीदारी के बारे में पुष्टि की है. मोबाइल हैंड सेटों, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सामाग्रियों, रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक सामाग्रियों, चिकित्सा उपकरणों, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक औजारों, दूरसंचार तथा एलईडी लाईटिंग सहित अन्य उद्योगों ने अपने प्रतिनिधित्व के बारे में सुनिश्चित किया है.
इस बैठक में एप्पल, सैमसंग,  वीवो, ओप्पो, लावा, क्वालकॉम,  श्याओमी, डेल, एचपी, फिलिप्स, बोस्क, सिस्को,  फ्लैक्सट्रॉनिक्स, फॉक्सकॉन, नोकिया, एलजी,  पैनासोनिक, टीडीके, इंटेल,  एएमडी, विस्ट्रॉन, डेल्टा,  साल्कॉम्प,  स्टेरलाइट टेक्नोलॉजिज और निडेक सहित उद्योग जगत की अन्य हस्तियां इस बैठक में शामिल होंगी.
बैठक में रविशंकर प्रसाद आगामी वर्षों में इस क्षेत्र के लिए अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को प्रोत्साहित करेंगे. साथ ही श्री प्रसाद मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ मुक्त वातावरण में विचार-विमर्श करेंगे और सरकार से उनकी आकांक्षाओं के बारे में अवगत होंगे, जिससे उनके संकल्पों को पूरा करने में मदद मिलेगी.

 

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