महागठबंधन की 10 दिसंबर की बैठक को लेकर मायावती का सस्पेंस बरकरार

संसद के शीतकालीन सत्र के ठीक एक दिन पहले 10 दिसंबर को बुलाई गई सभी प्रमुख विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस बैठक के आयोजक हैं. ऐसी चर्चा है कि कई दलों के नेताओं ने इस बैठक में शामिल होने के फैसले पर मुहर लगा दी है लेकिन बसपा प्रमुख मायावती को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने मायावती के प्रतिनिधि सतीश मिश्रा को एप्रोच किया था लेकिन बात नहीं बनी.
गौरतलब है कि इसके पहले छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों को लेकर भी कांग्रेस और बसपा में गठबंधन की चर्चा शुरू हुई थी लेकिन बसपा ने इससे इनकार कर दिया. बाद में मायावती ने छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के दल से गठबंधन कर चुनाव लड़ा. उसके बाद मायावती के इस संभावित कदम को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से बड़ा झटका माना जा रहा है.
दरअसल, इस साल मार्च में कर्नाटक चुनावों के बाद जेडीएस-कांग्रेस के गठबंधन बनाकर सरकार में आने और यूपी के गोरखपुर, कैराना, फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में विपक्ष ने महागठबंधन बनाकर बीजेपी को शिकस्‍त दी थी. उसके बाद से ही 2019 के लोकसभा चुनावों में यूपी में सपा, बसपा और कांग्रेस के महागठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में जिस तरह मायावती ने कांग्रेस को नजरअंदाज किया, उससे इस तरह की संभावना पर प्रश्‍नचिन्‍ह लग गया है.

 

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