railway, देखे वीडियो #MakeInIndia #CLW से से निकला रेल इंजन 180 किमी की रफ्तार से दौड़ा, अगला लक्ष्य 200 Kmph

देखे वीडियो #MakeInIndia #CLW से से निकला रेल इंजन 180 किमी की रफ्तार से दौड़ा, अगला लक्ष्य 200 Kmph

railway, देखे वीडियो #MakeInIndia #CLW से से निकला रेल इंजन 180 किमी की रफ्तार से दौड़ा, अगला लक्ष्य 200 Kmph
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए तमाम उपायों को अपना रहे रेलवे को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मेक इन इंडिया अभियान के तहत चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने 180 किमी प्रति घंटे की गति पर दौड़ने वाली इंजन पटरियों पर आ गया है. रेलवे ने इस इंजन का ट्रायल कोटा डिवीजन में 12 अगस्त 2019 को कर लिया. ट्रायल रन में भी यह इंजन स्पीडोमीटर पर 180 किमी की गति के लक्ष्य को हासिल कर गया. रेलवे ने ऐलान किया है कि यह इंजन राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में चलाया जाएगा. यह इंजन 160 किमी प्रति घंटे की गति पर 24 कोचों की यात्री ट्रेनों को आसानी से दौड़ा सकता है. जल्द ही यह इंजन किसी राजधानी एक्सप्रेस का हिस्सा बनने जा रहा है.
पश्चिम बंगाल स्थित चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स इलेक्ट्रिक इंजनों का निर्माण कर रहा है. दुनिया की सबसे बड़ी रेल इंजन निर्माणी में शामिल हो रही भारतीय रेलवे की यह कंपनी नए रिकार्ड बना रही है. सीएलडब्ल्यू 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ने वाले रेल इंजन का निर्माण पहले ही कर चुकी है. इस इंजन से दिल्ली से झांसी के बीच गतिमान एक्सप्रेस 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाई जा रही है. वर्तमान में घोषित रूप से भारतीय रेल की यह सर्वाधिक गति पर चलने वाली ट्रेन है. हालांकि, वंदे भारत एक्सप्रेस को 200 किमी की गति से भी चलाया जा सकता है लेकिन ट्रैक की क्षमता कमतर होने के कारण इसे 130 किमी प्रति घंटे की गति से चलाया जा रहा है लेकिन 160 किमी प्रति घंटे की गति यह ट्रेन भी दिल्ली से इलाहाबाद के बीच हासिल कर चुकी है.
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को ऐलान किया कि सीएलडब्ल्यू से मेक इन इंडिया के तहत बनकर निकला यह WAP-7HS लोकोमोटिव 160 Kmph पर 24 कोच की ट्रेन चलाने में सक्षम है. भारतीय रेलवे के इस हाई स्पीड लोकोमोटिव ने कोटा डिवीजन में 12 अगस्त 2019 को वैधानिक परीक्षणों के दौरान 180 Kmph की गति प्राप्त की है. नए इंजन की गति देखने के लिए देखें यह वीडियो-

Indian Railways High Speed Locomotive achieved speed of 180 Kmph during statutory trials.

Indian Railways High Speed Locomotive achieved speed of 180 Kmph during statutory trials in Kota Division on 12.08.2019. This WAP-7HS locomotive is capable of hauling 24 coach train at 160 Kmph.The complete design and development of locomotive have been done indigenously under "Make in India" initiative in CLW.This new type of locomotive is expected to facilitate the operation of premium trains such as Rajdhani, Shatabdi and Duranto at a higher speed.

Ministry of Railways, Government of India यांनी वर पोस्ट केले मंगळवार, १३ ऑगस्ट, २०१९

यही नहीं, चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने अब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले इंजन को बनाने की परियोजना पर भी कार्य शुरू कर दिया है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक साल के अंदर यह इंजन भी रेल पटरियों पर ट्रायल रन के लिए आ जाएगा. 180 और 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले इंजनों के आने से भारतीय रेलवे की छवि भी बदलनी तय है. हालांकि, केवल सेमी हाईस्पीड इंजनों के निर्माण से ही ट्रेनें गति नहीं पकड़ेंगी. बल्कि इनके लिए रेलवे ट्रैक और सिगनल प्रणाली को अपग्रेड करने की भी जरूरत पड़ेगी.
वर्तमान में राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और दूरंतो एक्सप्रेस की अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटे है. यह गति भी सभी रूटों पर हासिल नहीं है. केलव दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली-चेन्नई और दिल्ली-लखनऊ जैसे मार्गों पर ही हासिल है.

 

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