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परीक्षा की इस प्रकार करें तैयारी, समझें विशेषज्ञ की राय

परीक्षा की इस प्रकार करें तैयारी, समझें विशेषज्ञ की राय
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

ई. प्रवीण तिवारी

हर तरह की परीक्षाएं सिर पर है , इसलिए छात्रों को विषयों के तैयारी के तरीक़े और समय प्रबंधन ( टाइम मैनेजमेंट ) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तो आइए जानते हैं कि छात्रों को क्या-क्या करना चाहिए।
रिवीजन : परीक्षा के 15 दिन पहले से कोई नया अध्याय शुरू न करें । जो भी पहले से पढ़ चुके हैं उसी को फिर से पढ़ें। अपने नोट्स को वरीयता दें ।
शॉर्ट नोट्स : जो भी आवश्यक लगे उसका शॉर्ट नोट्स जरूर बनाएं । खासकर फार्मूले , नियम , चक्र आदि। इससे आपको परीक्षा के दौरान पढ़ने से कम समय में आसानी से पूरा विषय रिवाइज हो जाएगा।
प्राथमिकता तय करें : जो अध्याय ज्यादा महत्वपूर्ण हो उस पर ज्यादा समय दें। इस चैप्टर का गहन अध्ययन करें। परीक्षा में पूछे गए पुराने प्रश्नों का उत्तर लिखें । प्रयास रहे कि वह उसी क्रम में हो।
टाइम मैनेजमेंट : पढ़ने का समय निश्चित रखें। लगातार ज्यादा देर तक पढ़ने के लिए न बैठें। हर एक या डेढ़ घंटे पर कुछ समय के लिए ब्रेक लें। ब्रेक का समय 15 मिनट या अपनी शारीरिक व मानसिक क्षमता के हिसाब से लें। ब्रेक के दौरान पढ़ाई के अलावा कुछ अपना मनपसंद काम करें। परीक्षा में उत्तर लिखते समय जितना पूछा गया हो उतना ही लिखें और उसी के अनुसार उस उत्तर को लिखने का समय दें । जो प्रश्न अच्छी तरह आता हो उसे पहले करें । सभी प्रश्नों को करने का प्रयास करें । यदि आप प्रश्न छोड़ देंगे तो आपको कोई अंक नहीं मिलेगा परन्तु अटेम्प्ट करने पर नम्बर मिलने की संभावना हो सकती है।
पिछले साल के पेपर को हल करें : इससे परीक्षा के दौरान किस प्रश्न को कैसे हल करना है और किस प्रश्न पर कितना समय देना है, का अभ्यास हो जाएगा। इसके अलावा किसी भी विषय के बारे में विषय विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
नींद पूरी लें : नींद पूरी न लेने से परीक्षा के दौरान जो आपको याद भी होगा उसे भी आप सही ढंग से नहीं कर पाएंगे। नींद पूरी न होने से पढ़ने/लिखने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए कम से कम सात घंटे की नींद अवश्य लें।
खानपान : हो सके तो भोजन हल्का , सुपाच्य और शुद्ध लें। भारी भोजन यानी तली हुई चीजों का परहेज करें। पेय पदार्थ जैसे – पानी , जूस और दूध का अधिक सेवन करें ।
स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें : परीक्षा के दौरान बीमार होने का मतलब या तो कम नम्बर आना या साल बर्बाद होना होता है। दोनों ही स्थितियां आपके साल भर के मेहनत पर पानी फेर देंगी। पहले तो अपने आप को इतना फिट रखें कि बीमार होने की नौबत ही न आए और आती है तो डॉक्टर के सलाह से ही दवा लें। खुद दवा का चुनाव न करें ।
(लेखकः भौतिक विज्ञान के शिक्षक और लर्निंग फोरन कोचिंग, मीरापुर के निदेशक हैं.)

 

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