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महराजगंजः गैंग रेप के आरोपियों को बचा रही पुलिस

उमेश तिवारी

महराजगंज. यूपी में योगी सरकार की पुलिस सिर्फ सत्ताधीशों की सुनती है। इसका ताजा उदाहरण जिले के बृजमनगंज थाना इलाके में सामने आया है। यहां एक विवाहिता के पिता की तहरीर पर पुलिस खामोशी अख्तियार किये हुए है। चार माह तक अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया जाता रहा। युवती चीख चिल्ला न सके इसके लिए उसे हर रोज नशीला इंजेक्शन लगाया जाता रहा। युवती के अनुसार इंजेक्शन से उसका शरीर छलनी है। दरिंदगी के इस मामले में उसके पति की भी भागीदारी है। मुकामी पुलिस करीब 20 दिन से मामले में कार्रवाई के बजाय लीपापोती में जुटी है। थाने के एसओ का कहना है कि वे अभी नए आए हैं। घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। 
मामला बृजमनगंज थाना इलाके के एक गांव का है। यहां की युवती की शादी बगल के ही एक गांव निवासी एक युवक से वर्ष 2014 में हुई थी। युवती का गवना नही गया था लेकिन पति का ससुराल आना जाना था। 28 जुलाई को युवक ने अपनी सास को फोन कर युवती को मिलने के लिए घर से थोड़ी दूर भेजने के लिए आग्रह किया।
युवती के मन में भी पति से मिलने की ललक हुई, लिहाजा वह गांव के बाहर पति के बताए स्थान पर चली गई। वहां उसका पति किसी दोस्त के साथ बाइक लेकर मौजूद था। युवती जैसे ही पति के करीब पहुंची उसने अपने दोस्त के साथ उसे जबर्दस्ती बाइक पर बैठा लिया और तुरंत ही कोई नशीला इंजेक्शन लगा दिया। युवती बेहोश हो गई, देर रात तक जब जब घर नहीं पहुंची तो परिवार वालों को चिंता हुई। उसका पति भी फोन उठाना बंद कर दिया।
युवती के पिता ने 30 जुलाई को थाने में तहरीर दी जिसपर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। इस बीच 16 नवंबर को युवती गोरखपुर में झारखंडी महादेव मंदिर पर पहुंची मंदिर के पुजारी के माध्यम से उसने अपने पिता से संपर्क किया इसके पहले उसने अपने पति से भी संपर्क कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी तो उसने डांटकर कहा जहां हो अभी वहीं रहो। 
बहरहाल युवती अपने पिता के साथ मायके आई। मामले में 25 नवंबर को पिता की तहरीर पर युवती के पति समेत तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज तो कर लिया गया लेकिन अभी तक गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई।  गिरफ्तारी की बात दूर इतनी वीभत्स घटना में पुलिस ने युवती का मेडिकल तक कराना मुनासिब नही समझा। जबकि न्याय की भीख के लिए पीड़ित युवती के पिता 27 नवंबर को महराजगंज के एसपी और 30 नवंबर को गोरखपुर परिक्षेत्र के डीआईजी को पत्र लिख चुके हैं।  इस जघन्य घटना के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस क्यों शिथिल है इसे लेकर तरह तरह की चरचाएं है।  इलाके में आरोपियों के सत्ता पक्ष के नेताओं से संबंध की भी चर्चा है। 

 

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