देखिए यह वीडियो, रेलवे ट्रैक पर कभी न देखा होगा ट्रैक्टर-ट्राली का ऐसा सदुपयोग

        

यह खबर वैसे तो सामान्य है लेकिन जो हम आपको दिखाने जा रहे हैं वह असामान्य है. पूरी दुनिया भारतीय जुगाड़ तकनीक का लोहा मानती है. कई बार इस जुगाड़ से आपका पाला भी पड़ता है लेकिन सरकारी अमला इसमें जरा कंजूसी बरतता है, परंतु बिहार के हाजीपुर-बछवारा रेल खंड के दोहरीकरण कार्य में भारतीय रेल ने एक ऐसी जुगाड़ तकनीक को प्रमोट किया है जो आने वाले दिनों में रेलवे में जगह-जगह दिख सकती है. वजह, रेलवे के इस जुगाड़ तकनीक ने रेलमार्ग दोहरीकरण की गति में दो गुनी तेजी ला दी है.
हाजीपुर से बछवारा के बीच रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है. भूमि समतलीकरण से लेकर रेल पटरी बिछाने तक का काम लगभग पूरा हो चुका है. ट्रेनों के लिए कुशन का काम करने वाली बैलास्ट यानी गिट्टी डालने का कार्य इन दिनों किया जा रहा है. तय लक्ष्य से काम पिछड़ता देख रेलवे के ठेकेदार ने जुगाड़ तकनीक से ट्रैक्टर-ट्राली को मिनी ट्रेन जैसा स्वरूप दे दिया. फिर जो हुआ वह आप इस वीडियो में देख सकते हैं.

रेलवे के इंजीनियर्स और ठेकेदार ने मिलकर ट्रैक्टर-ट्राली के पहिए को बाहर निकाल दिया. उसकी जगह ट्रेन में लगने वाले लोहे के पहिए को ट्रैक्टर ट्राली में फिट कर दिया. ट्रेन के पहिए लगाकर ट्रैक्टर-ट्राली ने वह काम करना शुरू कर दिया, जिसे करने के लिए मशीन खरीदने में रेलवे को करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते. अब ट्रैक्टर-ट्राली रेलवे ट्रैक पर दौड़ रही है. ट्राली में गिट्टी डालकर ट्रैक पर डाला जा रहा है. इस अभिनव प्रयोग ने कार्य की गति को तेज कर दिया है. ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने ट्वीट कर इस वीडियो को शेयर किया है.

 

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