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#JaiJagannath भगवान जगन्नाथ की निकली रथयात्रा, पीएम मोदी, शाह और डिप्टी सीएम केशव ने की पूजा

#JaiJagannath भगवान जगन्नाथ की निकली रथयात्रा, पीएम मोदी, शाह और डिप्टी सीएम केशव ने की पूजा
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
#भगवानजगन्नाथ की रथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो गई है. इस यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियों को समय से पूरा कर लिया गया है. किसी भी भक्त को रथ यात्रा के दैरान कोई परेशानी न हो इसके लिए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा हिंदूओं के लिए धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. भगवान जगन्नाथ विष्णु के 8वें अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित हैं. पुरी के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी भगवान जगन्नाथ की पूजा की. प्रयागराज में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पूजा-अर्चना कर रथयात्रा को शुरू कराया. उन्होंने सामूहिक रूप से रथ को खींचा भी.

जगन्नाथ रथ उत्सव 10 दिन तक मनाया जाता है. भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरंभ होती है और दशमी को समाप्त होती है. इस दौरान रथ यात्रा में शामिल होने देशभर से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं. रथयात्रा में सबसे आगे ताल ध्वज पर श्रीबलराम, उनके पीछे पद्मध्वज रथ पर माता सुभद्रा व सुदर्शन चक्र और अंत में गरुण ध्वज पर श्रीजगन्नाथ जी चलते हैं. जो इस धर्म यात्रा के बारे में नहीं जानते उनके लिए नेशनल व्हील्स बता रहा है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आखिर क्यों निकाली जाती हैं भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा. क्या है इसका पूरा इतिहास.
आखिर क्यों निकाली जाती है रथयात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर कई तरह की मान्यताएं और इतिहास का वर्णन किया जाता है. बताया जाता हैं कि एक दिन भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने नगर देखने की चाह रखते हुए उनसे द्वारका के दर्शन कराने की प्रार्थना की थी. जिसके बाद भगवान जगन्नाथ ने अपनी बहन को रथ में बैठाकर उसे नगर का भ्रमण करवाया था. इसके बाद से यहां हर साल जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाती हैं.
यात्रा में होती है भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाएं
इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं रखी जाती हैं. इन सभी प्रतिमाओं को रथ में बिठाकर नगर का भ्रमण करवाया जाता हैं. यात्रा के तीनों रथ लकड़ी के बने होते हैं जिन्हें श्रद्धालु खींचकर चलते हैं. भगवान जगन्नाथ के रथ में 16 पहिए लगे होते हैं तो भाई बलराम के रथ में 14 व बहन सुभद्रा के रथ में 12 पहिए लगे होते हैं.

 

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