भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा के बयान का आईपीएस एसोसिएशन ने किया विरोध, साध्वी ने मांगी माफी

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनावों में भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के मुंबई एटीएस के चीफ रहे स्वर्गीय हेमंत करकरे को लेकर दिए गए विवादित बयान पर आईपीएस एसोसिएशन ने विरोध जताया है. आईपीएस एसोसिएशन ने कहा है कि अशोक चक्र से पुरस्कृत आईपीएस हेमंत करकरे ने आतंकियों से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त किया था. उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले एक प्रत्याशी के बयान की निंदा की जाती है. साथ ही मांग की जाती है कि सभी शहीदों के प्रति सम्मान का भाव प्रकट किया जाए.
आईपीएस एसोसिएशन के आधिकारिक ट्वीट को टैग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर तंज कसा है. उन्होंने ट्वीट किया कि दो शपथ लेने वाले लोग वर्दी का क्या सम्मान करेंगे.

इसके पहले पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे के बारे में प्रज्ञा ठाकुर के बयान से भाजपा ने किनारा कर लिया. भाजपा प्रवक्‍ता नलिन कोहली ने शुक्रवार को कहा कि हम देश के लिए शहीद होने वाले हर बेटे बेटियों का सम्‍मान करते हैं. हेमंत करकरे जी को लेकर साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर ने जो बयान दिया है वह उनके निजी विचार हैं, क्‍योंकि उनसे पूछताछ की गई थी. हम हेमंत करकरे जी की शहादत का सम्‍मान करते हैं. हम इस पर राजनीति नहीं करेंगे. वहीं, चारों ओर से घिरीं प्रज्ञा ठाकुर ने भी अपने इस बयान के लिए माफी मांग ली है।
बता दें कि भोपाल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 18 अप्रैल को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर कहा कि मुंबई एटीएस चीफ हेमंत करकरे को कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा और सवा महीने में आतंकी हमले में वह मारा गया. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ खांटी हिन्दुत्व प्रत्याशी घोषित हो चुकीं साध्वी प्रज्ञा लंबे समय बाद फिर सुर्खियों में हैं.

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैने तहा था कि तेरा (मुंबई एटीएस के चीफ स्वर्गीय हेमंत करकरे) सर्वनाश होगा. ठीक सवा महीने में सूतक लगता है. जिस दिन मैं गई (जेल) थी ठीक उस दिन इसके सूतक लग गया था. और ठीक सवा महीने में जिस दिन आतंकि.ों ने इसको मारा, उस दिन उसका अंत हुआ.
इस बयान को लेकर साध्वी प्रज्ञा विवादों में घिर गई हैं. गौरतलब है कि मुंबई आतंकी हमलों के दौरान एटीएस चीफ हेमंत करकरे आतंकी फायरिंग में शहीद हो गए थे. यह वही हेमंत करकरे थे जिन्होंने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मालेगांव बम बिस्फोट मामले में गिरफ्ताप किया था. साध्वी का आरोप है कि एटीएस उन्हें 15 दिनों तक बिना हिरासत गैर कानूनी तरीके से रखे रही. इस दौरान हंटरों से उनकी पिटाई की गई. पिटाई के बाद नमक का पानी शरीर पर डालकर तड़पाने का आरोप भी साध्वी ने लगाया है.
साध्वी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में यह आरोप भी लगाया था कि जेल में उन्हें निर्वस्त्र करने और प्रताड़नाओं के बाद भी गुनाह न कबूल करने पर पुलिस और एटीेएस ने मिलकर एनकाउंटर की साजिश रची थी. कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए साध्वी प्रज्ञा जेल में बिताए दिनों और पुलिस की प्रताड़ना को याद कर फफक पड़ी थीं.
बता दें कि मालेगांव बम धमाके में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था. उन्हें 2008 में उन्हें जेल भेजा गया था. पिछले वर्ष कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी के बाद ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पी. चिदंबरम आदि ने हिन्दू आतंकवाद की थ्योरी गढ़ी थी. साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी के वक्त हेमंत करकरे ही टीम को लीड कर रहे थे.

 

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