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चीन के बजाए अब भारत बनेगा एप्पल आई-फोन के उत्पादन का केंद्र, कंपनी का दावा- मोदी ने किया आमंत्रित

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
पांच वर्षों में केंद्र सरकार के प्रयासों की बदौलत स्मार्टफोन के निर्माण में चीन को टक्कर देने की कतार में खड़े हो चुके भारत में दुनिया के सबसे बेहतरीन स्मार्टफोन में शुमार एप्पल भी अब भारत आ पहुंचा है. एप्पल ने चीन को दरकिनार कर भारत में आई-फोन का निर्माण करने का फैसला कर लिया है. ब्लूमबर्ग ने बताया है कि एप्पल के आईफोन का उत्पादन भारत में वर्ष 2019 से ही फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाएगा. ताइवान की निर्माण कंपनी के समूह अध्यक्ष टेरी गो ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत आमंत्रित किया है.
टेरी गो ने ताइवान में एक कार्यक्रम में कहा कि Apple कई वर्षों से बेंगलुरु में i-Phones के पुराने मॉडल का उत्पादन कर रहा है, लेकिन अब यह अपने विनिर्माण को नए मॉडल में विस्तारित करेगा. इस महीने की शुरुआत में यह बताया गया था कि फॉक्सकॉन चेन्नई में अपने कारखाने में फुल-स्केल असेंबली शुरू करने से पहले भारत में iPhone X और iPhone 7 का उत्पादन शुरू कर देगी. उन्होंने कहा कि भविष्य में हम भारत के स्मार्टफोन उद्योग में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. हमने अपनी उत्पादन लाइनें वहां स्थानांतरित कर दी हैं.
भारत का स्मार्टफोन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रहा है, जो चीन को पीछे छोड़ रहा है. ज़ियाओमी जैसे चीनी प्रतिद्वंद्वियों के कारण कम कीमतों पर उन्नत सुविधाएँ प्रदान करने के कारण Apple देश में अपनी बाजार हिस्सेदारी खो रहा है. भारत में आई-फोन का उत्पादन शुरू होने पर बिक्री बढ़ने की उम्मीद है. 20 प्रतिशत आयात की कमी को भी पूरा कर देगा.
यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र में एप्पल का प्रवेश चीन के साथ अपने संबंधों को कैसे प्रभावित करेगा जो कि फॉक्सकॉन और अन्य साझेदार कंपनियों के साथ वर्षों से इसका उत्पादन केंद्र रहा है. आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में फॉक्सकॉन के दो निर्माण स्थल हैं, जहां यह Xiaomi और Nokia उपकरणों का निर्माण भी करता है. टेरी गो का कहना है कि अमेरिका और चीन एक व्यापार युद्ध में संलग्न हैं, यह Apple और फॉक्सकॉन के लिए तीसरा बाजार खोजने में भी मददगार हो सकता है.
मनी कंट्रोल डॉट कॉम वेबसाइट के अनुसार फॉक्सकॉन की भारतीय असेंबली लाइन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री को सितंबर में एप्पल के नए आईफोन मॉडल से पहले लोकल और एक्सपोर्ट मार्केट देगी. फॉक्सकॉन का प्रारंभिक निवेश स्थापित करने के लिए लगभग 300 मिलियन डॉलर का होगा, जिसमें क्षमता विस्तार के आधार पर लाइन-अप निवेश होगा.
ऐसा भी माना जाता है कि भारत में एप्पल के महंगे आई-फोन का उत्पादन शुरू होने पर आयात शुल्क आदि के झंझट भी खत्म या कम हो सकते हैं. इससे एप्पल फोन की कीमतों में भी 20 फीसदी तक कमी आ सकती है. कीमतों में कमी आने से इसकी बिक्री भी बढ़ना तय है. ऐप्पल फोन अपनी मैसेजिंग सेवा के साथ अन्य खूबियों के कारण जाने जाते हैं.
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