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संघटक कॉलेज भी कराएंगे पीएचडी, नये शैक्षणिक सत्र से सभी छात्रों को देना होगा जीवन बीमा शुल्क

संघटक कॉलेज भी कराएंगे पीएचडी, नये शैक्षणिक सत्र से सभी छात्रों को देना होगा जीवन बीमा शुल्क
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलूं की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फैसला लिया गया। किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कार्य परिषद में कॉलेजों में पीएचडी से जुडी सारी बाधा दूर कर लिया गया और नये शैक्षणिक सत्र से सारे छात्रों को जीवन बीमा से जोड़ने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया.
पिछले कई महीनों से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कॉलेजों में पीएचडी पाठ्यक्रम देने की योजना पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा था. इस प्रकरण पर गठित प्रो जगदंबा सिंह की कमीटी ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी, पर विश्वविद्यालय के आर्डिनेंस में कॉलेजों को पीएचडी देने का कोई प्रावधान नहीं था. आज विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में कॉलेजों में पीएचडी प्रदान करने संबंधी ऑर्डिनेंस को पटल पर रखा गया. कार्यपरिषद द्वारा सर्वसम्मति से इस ऑर्डिनेंस को पास कर दिया गया. अब कॉलेजों में पीएचडी से जुडी हुई कोई भी बाधा नहीं है.
कार्य परिषद में पिछले दिनों कैश (CAS) द्वारा लिए गए 24 अध्यापकों के प्रमोशन का लिफ़ाफ़ा भी खोला गया. पदोन्नत का लाभ प्राप्त करने वालों की सूची साथ में संलग्न है.

शोध में 30 फीसदी भारांक देंगे गुरुजी
इस ऑर्डिनेंस में पीएचडी की नामांकन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. पूर्व में कुलपति कार्यालय को पीएचडी नामांकन से जुडी हुई कई शिकायतें मिली थी. इस सत्र से पीएचडी नामांकन में लिखित परीक्षा का 70% और साक्षात्कार का 30% भारांक जोड़ा जाएगा. सैकड़ों छात्रों का यह आरोप होता था कि पीएचडी साक्षात्कार में जानबूझकर उनके साथ भेद भाव किया जाता है.
गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट में विभागों को यूनिट मानने की व्यवस्था को पलट कर पुरानी प्रणाली को मंजूरी देने के बाद घोषित किया गया कि विश्वविद्यालय जल्द ही नई नियुक्ति से जुड़ा विज्ञापन जारी करेगा जो 200 पॉइंट रोस्टर पर होगा.
109 रुपये जीवन बीमा शुल्क
कार्य परिषद में दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा था. पिछले कुछ महीनों में विश्वविद्यालय में कुछ छात्रों की दुर्घटनावश मौत हो गई थी. कार्य परिषद में प्रस्ताव रखा गया कि अगले शैक्षणिक सत्र से नामांकन के साथ ही सारे छात्रों से 109 रूपये का जीवन बीमा शुल्क लिया जाए ताकि किसी अप्रिय स्थिति में जीवन बीमा कंपनी उनकी मदद कर सके। यह भुगतान जीवन बीमा देने वाली कंपनी करेगी.
अतिथि प्रवक्ताओं को प्रति लेक्चर 1500 रुपये
कार्य परिषद में अतिथि प्रवक्ताओं से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. पहले अतिथि प्रवक्ताओं को एक लेक्चर के लिए एक हजार रुपये का भुगतान किया जाता था. अब उन्हें एक लेक्चर के लिए डेढ़ हजार का भुगतान किया जाएगा. पहले उन्हें महीने में 25,000 का ही अधिकतम भुगतान किया जाता था लेकिन नए फैसले से यह रकम करीब 38000 रुपये तक जा सकती है.
प्रोफेसर हरिशंकर दोषी करार
कार्य परिषद में इसके अलावा पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रोफ़ेसर हरिशंकर उपाध्याय को लेकर भी चर्चा हुई. 20/12 /2018 को पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो हरिशंकर उपाध्याय के कार्यालय के दौरान हुई वितीय अनियमितितता की जाँच के लिए जो कमिटी बनी थी. उसने अपनी अंतरिम रिपोर्ट आज कार्यपरिषद के सामने रखी. इस अंतरिम जाँच रिपोर्ट में प्रो एचयस उपाध्याय को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया तथा कार्य परिषद् ने इस पूरे मामले की जाँच किसी अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति से करवाने की सिफारिश की.
यौन उत्पीड़न की जांच अवकाश प्राप्त न्यायाधीश करेंगे
कार्य परिषद में हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफ़ेसर सूर्यनारायण और शोध छात्रा के यौन उत्पीड़न की मामले पर गठित कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट पेश की. विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न के लिए गठित कमिटी की चैयरमैन प्रो संगीता श्रीवास्तव ने मामले में अंतरिम जाँच रिपोर्ट पेश की. कार्य परिषद् ने इस मामले में कोई भी अंतिम फैसला लेने के लिए कुलपति को अधिकृत किया तथा इस मामले की जाँच अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति से करवाने की सिफारिश की. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रेक्टर राम नाइक भी इस मामले में करवाई करने का निर्देश दे चुके हैं.
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