hindi news, पूर्वी #लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों में नोकझोंक

पूर्वी #लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों में नोकझोंक

hindi news, पूर्वी #लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों में नोकझोंक
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
कश्मीर में धारा 370 खत्म होने के बाद पाकिस्तान के साथ गलबहियां डाले घूम रहे चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख में भारतीय सैनिकों के साथ उलझ गए हैं. बताया जा रहा है कि बुधवार को पैंगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर दोनों देशों की सेना आमने-सामने आ गई. रिपोर्ट के अनुसार दोनों सेनाओं में नोकझोंक होने और धक्का-मुक्की की खबरें भी हैं. हालांकि, विवाद बढ़ने के पहले ही दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई. इस वार्ता के बाद हालात सामान्य हो गए हैं.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक बुधवार को भारतीय सेना के जवान पैंगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर पेट्रोलिंग कर रहे थे. इस दौरान उनका सामना चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों से हुआ. चीनी सेना, भारतीय जवानों की मौजूदगी का विरोध कर रहे थे. इस दौरान दोनों सेनाओं के जवानों के बीच नोकझोंक हुई. इसके बाद सीमा पर जवानों की संख्या बढ़ा दी गई.
बता दें कि जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने के बाद लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में घोषित किया गया है. लद्दाख सीमा से चीन की सीमा सटी हुई है. लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद चीन ने तीखी प्रतिक्रिया भी जताई थी.
फिलहाल, चीन सीमा के निकट भारतीय सेना अक्टूबर में बड़ा युद्ध अभ्यास करने जा रही है. भारतीय सेना की माउंटेन स्ट्राइक कोर के 5,000 से अधिक जवान अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश में वायु सेना के साथ युद्ध अभ्यास करेंगे. चीन बॉर्डर पर यह पहला युद्ध अभ्यास होगा.
सेना के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, तेजपुर स्थित 4 कोर को हाई अल्टीट्यूड पर अपनी सीमा की रक्षा के लिए तैनात किया जाएगा, जबकि 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर के 2500 जवानों को एयर फोर्स एयरलिफ्ट करेगी. युद्धाभ्यास में स्ट्राइक कोर के जवान 4 कोर के जवानों पर हवाई हमले के जरिए अभ्यास करेंगे.
2017 में डोकलाम में एक सड़क निर्माण को लेकर चीन और भारत के सैनिक एक दूसरे के आमने-सामने आ गए थे. उस समय दोनों सेनाओं के बीच काफी तनाव बढ़ गया था. लंबे समय तक चले डोकलाम गतिरोध ने दोनों देशों के बीच चले आ रहे सीमा विवाद को और भी बढ़ा दिया था. हालांकि अब दोनों देशों के बीच संबंधों को दुरुस्त किया गया है.
भारत और चीन के बीच 3,448 किलोमीटर लंबी सीमा पर दशकों पुराना विवाद है, जो दुनिया की नौवीं सबसे लंबी सीमा है. चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है जबकि भारत अक्साई चीन पर अपना दावा करता है. 1962 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हो चुका है.

 

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