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तेलंगाना के इस लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की संख्या देख निर्वाचन आयोग की बढ़ीं धड़कनें

तेलंगाना के इस लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की संख्या देख निर्वाचन आयोग की बढ़ीं धड़कनें
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनाव की घोषणा के पहले ईवीएम को लेकर मचे बवान के बाद सोशल मीडिया पर छाए एक मैसेज का असर तेलंगाना एक एक क्षेत्र में दिखने लगा है. सोशल मीडिया में कुछ लोगों की ओर से अपील थी कि इतने प्रत्याशी उतारो कि ईवीएम मशीन इस्तेमाल ही न हो सके यानी बैलेट पेपर का इस्तेमाल करना निर्वाचन आयोग की मजबूरी बन जाए. तेलंगाना के निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र में इसका असर हुआ है या नहीं, यह तो निर्वाचन आयोग की जांच में खुल सकता है लेकिन निजामाबाद में प्रत्याशियों की संख्या ने आयोग की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
निर्वाचन आयोग ने रविवार को तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी को निजामाबाद निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम की जगह मतपत्र के इस्तेमाल के लिए इंतजाम करने का निर्देश दिया है. इस सीट पर कुल 185 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनमें से 170 से अधिक किसान बताए जा रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि किसान जीतने के लिए नहीं, बल्कि किसी `मकसद` से चुनाव मैदान में उतरे हैं.
गुरुवार को नाम वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद तेलंगाना में कुल 443 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं. इनमें सर्वाधिक 185 उम्मीदवार निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र में हैं. ईवीएम में जितने उम्मीदवारों के नाम समायोजित हो सकते हैं, उससे अधिक संख्या में उम्मीदवार होने के चलते तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रजत कुमार ने पहले कहा था कि चुनाव मतपत्र से कराये जाएंगे. मामले को मंजूरी के लिए चुनाव आयोग को प्रकरण भेजा जाएगा.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग ने मेसर्स ईसीआईएल के सीईओ तेलंगाना को 26820 बीयू, 2240 सीयू और 2600 वीवीपैट (तीसरी पीढ़ी की) की तत्काल आपूर्ति करने के आदेश जारी किए हैं.
किसानों ने हल्दी और लाल ज्वार के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने में सत्ताधारी टीआरएस पर असफलता का आरोप लगाते हुए निजामाबाद से अपने नामांकन पत्र दाखिल किये हैं. यहां से मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पुत्री के. कविता फिर से चुनाव लड़ रही हैं. तेलंगाना में लोकसभा की 17 सीटें हैं. यहां 11 अप्रैल को पहले चरण में वोट डाले जाएंगे.
गौरतलब है कि ईवीएम का इस्तेमाल केवल 64 उम्मीद्वारों को ही नामांकित कर सकती है. ऐसे में निजामाबाद में उम्मीद्वारों की संख्या ज्यादा होने के चलते यहां ईवीएम के जरिए चुनाव संभव नहीं हैं. इसलिए चुनाव आयोग ने यहां बैलेट पेपर के इस्तेमाल से चुनाव होने कही है.

 

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