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आयुर्वेद से बढ़ाएं रोगप्रतिरोधक क्षमता : डॉ शारदा प्रसाद

आयुर्वेद से बढ़ाएं रोगप्रतिरोधक क्षमता : डॉ शारदा प्रसाद

प्रीति सैनी

प्रयागराज 4 जून : कोविड-19 जैसे गम्भीर वायरस से बचाने के लिए डाक्टर तरह-तरह के तरीकों को अपना रहे हैं । लेकिन आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के एक से एक दवायें मौजूद हैं । उन्हीं में से एक प्रमुख है आयुष क्वाथ यानि काढ़ा यह सबसे अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है जब इसमें उपयोग में होने वाले सामानों की सही मात्रा का प्रयोग किया जाये। इसके साथ ही च्यवनप्राश और गोल्डन मिल्क भी कोरोना वारस समेत तमाम ऐसी बहुत सी संक्रामक बीमारियों से लड़ने के लिए हमें मजबूत बनाने का कार्य करता है। जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के चलते लोगों को घेर लेती है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी शारदा प्रसाद आयुर्वेद विभाग ने बताया कि ये काढ़ा बनाने की विधि को आयुष मंत्रालय द्वारा प्रामाणिकता प्राप्त है उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुष क्वाथ को चार प्रमुख औषधीय जड़ी बूटियों-तुलसी की पत्ती, दालचीनी, सोंठ और कृष्ण मरीच (काली मिर्च मिलाकर तैयार करना सबसे ज्यादा उपयुक्त है।इ सको बनाने में तुलसी पत्ती का चार भाग, दालचीनी दो भाग सोंठ का दो भाग और काली मिर्च का एक भाग होना सबसे उपयुक्त होता है। काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले सभी सूखी सामग्रियों को 5 से 10 ग्राम मिलकर 150 मिलीलीटर पानी में उबले फिर चाय की तरह एक या दो बार प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि सुबह शाम नाक में दो-दो बूंद नारियल का तेल या तिल्ली का तेल या फिर अणु तेल को जरुर डाले |
इसके अलावा सुबह 10 ग्राम (एक चम्मच, च्वनप्राश का सेवन करना भी स्वास्थ्य के लिए अन्यन्त फायदेमांद होता है। मधुमेह रोगियों को शुगर फ्री च्वनप्राश लिया जा सकता है। गोल्डन मिल्क 150 मिलीलीटर गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पीने से भी शरीर को रोगो से लड़ने की ताकत को बनाये रखने में मददगार साबित होता है। इस कोविड के दौर में हमें गुनगुना पानी भी फायदेमंद होता है। इस तरह आयुर्वेद के तरीकों को अपनाकर और ध्यान व प्राणायाम को अपने जीवन में शामिल कर हम अपने को निरोगी बना सकते हैं ।

दो मीटर दूर से ही बात करें

कोरोना वायरस से बचने के लिए हम लोग जब भी घर के बाहर किसी कार्य से जाये तो मुंह व नाक को मास्क, गमछा व रूमाल से अच्छी तरह अवश्य ढकने का कार्य करें। हाथों को साबुन से एक-एक घण्टे के अन्तराल पर धोते रहना चाहिए और बार -बार अपने नाक मुंह को बार बार न छुंये व एक दूसरे से हमेशा 2 मीटर की दूरी अवश्य बनाये रखें । इन सब सावधानी से ही कोरोना वायरस से बचा जा सकता है।

 


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