Nationalwheels

प्रसंगवशः क्या हिन्दू संस्कृति पर गर्व का दिन आ गया है?

प्रसंगवशः क्या हिन्दू संस्कृति पर गर्व का दिन आ गया है?
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद में फैसले के दिन करीब हैं. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी, मुख्य सचिव समेत कई अफसरों से मुलाकात कर फैसले के बाद उत्तपन्न होने वाली आशंकित स्थितियों के मद्देनजर की गई तैयारियों पर जानकारी हासिल की है. इससे यह अनुमान भी लग रहा है कि यह फैसला बस आने ही वाला है. किसी भी दिन सुप्रीम कोर्ट फैसले की तिथि का ऐलान कर सकता है. ऐसे में सोशल मीडिया पर मंदिर के समर्थन और विरोध में भी तमाम लोग पोस्ट कर रहे हैं. कुछ लोग भारतीय संस्कृति पर गर्वान्वित होने के क्षण का इंतजार कर रहे हैं. फेसबुक वॉल से ली गई यह पोस्ट भी आधुनिक ज्ञान-विज्ञान और पाश्चात्य संस्कृति का भारत पर पड़े नकारात्मक प्रभावों और वास्तविक भारतीय मौलिक विज्ञान को समेटती संस्कृति से रूबरू कराती है-
अब, जब श्रीराम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय अधिकतम दस दिनों में आने वाला है, वक़्त आ गया है आपको अपनी संस्कृति पर गर्व करने का. द्वापर और त्रेता युग की प्रामाणिक जानकारी कहीं उपलब्ध नहीं है और विदेशी आक्रांताओं ने हमारी 5000 साल पुरानी संस्कृति को तहस नहस कर डाला था फिर भी हमें सूचनाओं को एकत्र करने और जिज्ञासु बने रहने से कोई नहीं रोक सकता है.
.
आज जब विदेशी संस्कृति का अंधानुकीकरण अपने चरम पर है. तब यह जानना और भी अधिक आवश्यक हो जाता है कि “आखिर हम थे क्या?” स्वतंत्रता के बाद से अब तक विदेशी शासकों ने हमें “अकबर महान” पढ़ाया है किन्तु महान है भारतीय_संस्कृति और भारतीय ज्ञान… जिसे जान/ सुनकर आज भी विदेशियों की आँखें फटी रह जाती हैं. यह ज्ञान हमारे DNA में शामिल है और इसे हमसे कोई नहीं छीन सकता है. गत दिनों मैंने एक ‘पोस्ट’ डालकर बताया था कि “आज भले ही साइकिल के आविष्कार” का ‘क्रेडिट’ विदेशी लेते हों लेकिन अब से हजारो साल पहले भारत की गुफाओं में साइकिल चलाते बालक की छवि कुरेदी जा चुकी थी.
.
‘कार्टोसैट-3’ का प्रक्षेपण शीघ्र ही (इसी महीने) किया जाना है. इस सेटेलाइट की नजर इतनी पैनी होगी कि यह दुश्मन की जेब में रखे ‘पेन’ के ब्रांड की भी सटीक जानकारी देगा. दरअसल, इस सेटेलाइट का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 0.25 मीटर यानी 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है.
DNA में सम्मिलित हमारे ज्ञान के ताजा उदहारण हैं-
• *पहले प्रयास में मंगलयान का सफल प्रपेक्षण (भारत, विश्व में इकलौता देश)*
• *चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान (भारत, विश्व में पहला देश)*
.
रामायण के अनुसार उस काल में *पुष्पक_विमान* थे, यह बात आपको भले ही एक कल्पना लगती हो लेकिन जिन दिनों अमेरिका जी-जान से ओसामा बिन लादेन की खोज में लगा था, उन्हीं दिनों *अफगानिस्तान की पहाड़ियों की एक गुफा में 6000 साल पुराना एक विमान जैसी आकृति मिली थी. यह विमान एक अलौकिक ऊर्जा कवच के घेरे में था. इस विमान की बनावट एकदम उस ‘उड़नखटोला’ जैसी है जिसका जिक्र हमारे धर्मग्रंथों में मिलता है. विमान के उड़ने के सैकड़ों किस्से, रामायण और महाभारत में मिलते हैं. भगवत गीता में एवं पुराणों में तथा अनगिनत प्राचीन तस्वीरों में, सैकड़ों साल पुराने भित्तिचित्रों और चट्टानों में उकेरी गई रेखाओं में भी ऐसे विमान नजर आते हैं.
.
एक अमेरिकी वेबसाइट Ancient Aliens disclosetv ने इस आशय का एक वीडियो डाला. दावा किया कि यह अमेरिकी फौज से लीक किया गया था. इसमें 8 अमेरिकी मरीन कमांडो एक मिशन पर जाते नजर आ रहे हैं. यह कमांडो एक गुफा की पहचान करते हैं लेकिन उसके भीतर घुप्प अंधेरा था. यह कमांडो लाइटें जलाते हैं और उसमें उतर पड़ते हैं. अमेरिकी कमांडो आगे बढ़ते हैं. उनका नाइट विजन कैमरा हर हरकत कैद कर रहा था. कुछ चमकीली चीजें नजर आती हैं. आगे जमीन पर जैसे कुछ बत्तियां दिखने लगती हैं. फिर, अचानक एक झटके और एक अजीब सी आवाज के साथ यह कैमरा बंद हो जाता है.
अमेरिकी वेबसाइट का दावा है कि यह वीडियो कैमरा बाद में उसी गुफा के द्वार पर पड़ा पाया गया लेकिन वह 8 मरीन कमांडो कहां गये, उन्होंने उस गुफा के भीतर ऐसा क्या देखा, इसका आज तक कोई पता नहीं चल पाया है. बाद में अमेरिकी वायुसेना की लीक हुई एक रिपोर्ट के अनुसार महाभारत के वक्त का यह प्राचीन विमान एक अदभुत एवं अलौकिक ऊर्जा कवच से घिरा हुआ था. यह ऊर्जा कवच उसे इतने सालों से बचाये हुए था. ऐसा भी दावा किया गया कि जैसे ही आठों अमेरिकी फौजियों ने उस विमान को हटाने की कोशिश की, वह उस अलौकिक उर्जा के ‘टाइम वेल’ में खिंच कर लुप्त हो गये थे.
.
तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अफगानिस्तान के एक गुमनाम पहाड़ी इलाके का खुफिया दौरा किया था. रूस की एक खुफिया रिपोर्ट में पहले किसी प्राचीन विमान के मिलने का जिक्र नहीं था, लेकिन कुछ सालों बाद ये सच सामने आ गया कि अमेरिकी फौज को 6000 साल पुराना एक विमान मिला है. ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि शायद वही विमान है जिसका जिक्र महाभारत में मिलता है. भारतीय ग्रंथों में भी ऐसे विमानों का उल्लेख है. यह खोज कितनी अहम थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बराक ओबामा के बाद चार देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी एक के बाद एक अफगानिस्तान की उसी गुफा में पहुंचे थे.
नरेश शुक्ला की वॉल से

 


Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *