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छोटी सी नौकरी मिल जाती तो उसी में मेरी मां पूरे गांव को गुड़ खिला देती- प्रधानमंत्री मोदी

छोटी सी नौकरी मिल जाती तो उसी में मेरी मां पूरे गांव को गुड़ खिला देती- प्रधानमंत्री मोदी
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
मनोरंजन के लिए मारधाड़, प्रेम-प्रसंगों, देशभक्ति के साथ सामाजिक मुद्दों और महिलाओं से जुड़े विषयों को फिल्मों के जरिए उठा चुके अभिनेता अक्षय कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके 7 लोक कल्याण आवास पर बातचीत की. इस दौरान अक्षय के साथ इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक जीवन से हटकर अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर बात की. अक्षय ने कई ऐसे मुद्दों को छूने की कोशिश की, जिस पर लोग ज्यादा नहीं जानते. प्रधानमंत्री मोदी ने भी सवालों के जवाब में मां के साथ निकटता समेत कई निजी विषयों पर खुलकर चर्चा की. आइए जानते हैं उनकी निजी जिंदगी के राज.

छोटी नौकरी भी मिल जाती तो मां खुश हो जाती-

पीएम मोदी ने बताया, कभी मेरे मन में प्रधानमंत्री बनने का विचार नहीं आया और सामान्य लोगों के मन में ये विचार आता भी नहीं हैं और मेरा जो फैमिली बैकग्राउंड हैं उसमें मुझे कोई छोटी नौकरी मिल जाती तो मेरी मां उसी में पूरे गांव को गुड़ खिला देती.

परिवार के साथ रहने का मन करता है? 

पीएम मोदी ने बताया कि मैंने जिंदगी की बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ दिया, क्योंकि वो जिंदगी बहुत अलग थी. हालांकि, परिवार के साथ मन करता है और कभी मां को बुला लेता हूं. लेकिन मां कहती हैं कि मेरे पीछे अपना समय क्यों खराब करते हो. वो कहती हैं कि मैं  यहां क्या करूंगी, इसलिए वो वापस चली जाती हैं. पीएम मोदी ने बताया कि यहां जब मां आती हैं तो उन्हें वक्त नहीं दे पाता हूं. एक-दो बार खाना खा लेता था.

मोहमाया सब छूटा-

परिवार से दूर रहने पर पीएम मोदी ने कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री बनकर घर से निकला होता, तो मेरा मन रहता कि सब वहीं रहे. लेकिन मैंने बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ दिया था और इसलिए लगाव, मोहमाया सब मेरी ट्रेनिंग के कारण छूट गया.

पीएम मोदी सैनिक या संन्यासी बनना चाहते थे?

पीएम मोदी ने कहा, बचपन से ही बड़े लोगों की जीवनी पढ़ना मेरा शौक था. फौज वालों को सैल्यूट करना अच्छा लगता था. 1962 का युद्ध हुआ. स्टेशन पर फौज के लोगों का बड़ा सत्कार किया जाता था. इससे ख्याल आया कि ये रास्ता देश के लिए मरने-मिटने वाला है. रामकृष्ण मिशन आश्रम में चला गया. नए-नए अनुभव होने लगे. 20 साल के आसपास की उम्र में ही बहुत घूमा, भटका और दुनिया देखी. मन में सवाल पैदा करता था और कुछ जवाब तलाशता था और भटकते-भटकते यहां तक पहुंच गया. मैं क्या बनता ये कहना कठिन लग रहा है क्योंकि जो सोचा नहीं था वो बन गया.

क्या पीएम मोदी अपनी मां को हर महीने पैसे भेजते हैं?

पीएम मोदी ने इस सवाल के जवाब में कहा कि वे नहीं, बल्कि उनकी मां उन्हें पैसे भेजती हैं.

 

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