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साल के इस आखिरी महीने दिसंबर में लोग कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं लेकिन पूरा देश सुलग रहा है

साल के इस आखिरी महीने दिसंबर में लोग कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं लेकिन पूरा देश सुलग रहा है

वर्ष 2019 अपने आखिरी पड़ाव में है, हर देश और उस देश के नागरिक यही चाहते हैं कि उनका यह अंतिम पड़ाव बेहद सुखद बीते

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
वर्ष 2019 अपने आखिरी पड़ाव में है, हर देश और उस देश के नागरिक यही चाहते हैं कि उनका यह अंतिम पड़ाव बेहद सुखद बीते. लेकिन भारत में दिसंबर का महीना अपने उफान पर रहा है. नागरिक संशोधन कानून को लेकर देश में इतने दंगे फसाद और हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिससे लाखों की सरकारी संपत्तियों का नुकसान हो रहा है.
भारतीय संविधान आपको अपने विचार अपने विरोध प्रकट करने की पूरी आजादी देता है लेकिन विरोध उसी हद तक कीजिए जिससे किसी और दूसरे को नुकसान न पहुंचे . विरोध जाहिर करने का एक तरीका है आप संविधान के दायरे में रहकर अपना विरोध जाहिर कर सकते हैं. नागरिक संशोधन कानून को लेकर भारतीय इतिहासकारों से लेकर फिल्म जगत के लोगों ने इस कानून पर अपनी अपनी राय रखी. किसी ने इस कानून को संविधान के खिलाफ बताया तो किसी ने इस कानून को सही ठहराया.
बरहाल अब यह कानून भारतीय संविधान का एक हिस्सा बन चुका है. नागरिक संशोधन कानून (CAA) को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(NRC) दोनों को जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन आपको बता दें कि दोनों अलग अलग चीजें हैं CCA का उद्देश्य केवल और केवल पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने से है वही NRC का उद्देश्य यह है कि देश में कितने घुसपैठिए हैं उन घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला जाए.
नेशनल व्हील्स इंडिया न्यूज़ ने आप से पहले भी अपील की थी की गलत अफवाहों से दूर रहें, और गलत अफवाह ना फैलाएं. किसी मुद्दे पर बोलने से पहले उस मुद्दे पर गहराई से अध्ययन कर ले क्योंकि आपका एक विचार हिंदुस्तान के सवा सौ करोड़ लोगों को प्रभावित कर सकता है.

 


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