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रेलमंत्री की प्रीमियम ट्रेनों के स्वच्छता सर्वे में एनसीआर फिसड्डी, दक्षिण रेलवे अव्वल

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स       
रेलवे ने मंत्रालय की वीआईपी प्रीमियम ट्रेनों के स्वच्छता सर्वे का परिणाम सार्वजनिक कर दिया है. स्वच्छता सर्वे के परिणाम ने उत्तर मध्य रेलवे के स्वच्छता प्रयासों के हवाई दावों की कलई खोल कर रख दी है. जोन में इकलौती प्रीमियम ट्रेन होने के बाद भी उत्तर मध्य रेलवे को 15वां स्थान हासिल हुआ है. रोचक यह है कि रेलवे में सिर्फ 16 जोन ही हैं. ऐसे में यह आशंका भी है कि यदि जोनों की संख्या ज्यादा होती तो उत्तर मध्य रेलवे के स्वच्छता दावों के परखच्चे उड़ जाते. पूर्वोत्तर रेलवे ने इस सूची में चौथा स्थान हासिल किया है. पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र में सात प्रीमियम ट्रेनें हैं. इसमें छह ट्रेनों की मरम्मत गोरखपुर डिपो में होती है. 14 प्रीमियम ट्रेनों वाले उत्तर रेलवे को छठां स्थान मिला है.
रेल मंत्रालय की ओर से जारी की गई इस सूची में सदर्न रेलवे 14 ट्रेनों को स्वच्छ कर 736 औसत अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है. सदर्न रेलवे को अॉडिट स्कोर में 271, सीधे अॉब्जर्वेशन में 236, पैसेंजर फीडबैक में 229 स्कोर मिला है. दूसरे नंबर पर साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे है. उसके औसत अंक 721 हैं. 691 अंंकों के साथ वेस्टर्न रेलवे तीसरे और 688 औसत अंकों के साथ पूर्वोत्तर रेलवे चौथे स्थान पर है.
सूची में 15वें नंबर पर स्थान पाने वाले उत्तर मध्य रेलवे 611 औसत स्कोर मिले हैं. एनसीआर के पास मात्र एक प्रीमियम ट्रेन है. उसे अॉडिट स्कोर में 233, सीधे आब्जर्वेशन स्कोर में 213, पैसेंजर फीडबैक में 165 स्कोर मिले हैं. सूची में 16वें और अंतिम पायदान पर पहुंचे ईस्ट सेंट्रल रेलवे को कुल औसत स्कोर 572 ही मिल सके हैं. आठ प्रीमियम ट्रेनों वाला यह जोन किसी भी स्कोर में 200 का आंकड़ा पार नहीं कर सका है. पैसेंजर फीडबैक में ही उसे सबसे ज्यादा 195 स्कोर मिले हैं. सभी जोनों की सूची इस प्रकार है-
गौरतलब है कि प्रीमियम ट्रेनों के ठहराव कम होने के कारण रेलवे यात्रियों से ज्यादा किराया वसूलती है. रेलवे यह दावा भी करती है कि प्रीमियम ट्रेनों के यात्रियों को अन्य ट्रेनों के यात्रियों की अपेक्षा सुविधाएं ज्यादा दी जाती हैं. मोदी सरकार के दौरान रेलवे स्वस्छता अभियान को धार देने के लिए अलग-अलग समय पर स्वच्छता सर्वे कराता रहता है. इससे विभिन्न जोनल रेलवे में कार्य को लेकर प्रतिस्पर्धा का भाव जगाना और यात्री सुविधाओं का हाल जानने में सुविधा होती है.
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