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#Maharastra में सरकार बनाने का न्योता मिलते ही शिवसेना के सामने एनसीपी ने रखी शर्त- #एनडीए और मंत्रिपद छोड़ो, समर्थन पाओ

#Maharastra में सरकार बनाने का न्योता मिलते ही शिवसेना के सामने एनसीपी ने रखी शर्त- #एनडीए और मंत्रिपद छोड़ो, समर्थन पाओ
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
महाराष्ट्र विधानसभा की राजनीति का असर अब मोदी मंत्रिमंडल पर भी पड़ने की संभावना बढ़ गई है. रविवार को भाजपा की ओर से सरकार बना पाने में असर्थता जताने के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे से पूछा है कि वह सरकार बनाना चाहते हैं. राज्यपाल के इस कदम के साथ ही एनसीपी ने भी देर शाम को पत्ते खोल दिए. एनसीपी ने शिव सेना के सामने शर्त रखी है कि उसे यह ऐलान करना होगा कि उसका अब भाजपा से कोई संबंध नहीं है. इसके साथ ही उसे मोदी मंत्रिमंडल से अपने मंत्रियों को इस्तीफे दिलाने होंगे. साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से भी अलग होने का ऐलान करना होगा.
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि हमने 12 नवंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है. यदि शिव सेना एनसीपी -कांग्रेस गठबंधन का समर्थन चाहती है तो उसे भाजपा, एनडीए और मंत्रिमंडल छोड़ने का ऐलान करना होगा. उन्होने यह भी कहा कि यदि राज्यपाल ने शिव सेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है तो हम अगली रणनीति के बारे में सोचेंगे. फिलहाल, अभी तक शिव सेना की ओर से समर्थन मांगने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है. अंतिम निर्णय कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की ओर से पवार साहेब को लेना है.

एनसीपी की शर्तों के सामने आने और राज्यपाल का आमंत्रण मिलने के बाद रात करीब नौ बजे मातोश्री पर शिव सेना नेताओं का जमावड़ा हुआ है. माना जा रहा है कि शिव सेना एनडीए का साथ छोड़ने और एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन का सहयोग लेकर सरकार गठन का फैसला करेगी. यदि ऐसा हुआ तो महाराष्ट्र में पहली बार शिव सेना का मुख्यमंत्री कुर्सी पर आसानी होगा. शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का शुरू से कहना है कि उन्होंने बाला साहेब से वादा किया है कि महाराष्ट्र में शिव सेना का मुख्यमंत्री बनेगा. गौरतलब है कि पहली बार ठाकरे परिवार का कोई व्यक्ति विधानसभा चुनाव में उतरा. उद्धव के पुत्र आदित्य ठाकरे विधानसभा में पहुंचे हैं. उद्धव पुत्र को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद मांग रहे हैं, जिसे भाजपा ठुकरा चुकी है.
इसके पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्यपाल से मुलाकात तक शनिवार को मिले सरकार बनाने के आमंत्रण पर जवाब दिया. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिव सेना के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़े. जनता ने सरकार बनाने का जनादेश दिया लेकिन चुनाव परिणाम के बाद शिव सेना साथ नहीं दे रही है. भाजपा अकेले सरकार नहीं बना सकती है.

 


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