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कश्मीर में 41800 लोगों ने जान गंवाई है, धारा 370 न होती तो इन लोगों की जान न जाती.- अमित शाह

कश्मीर में 41800 लोगों ने जान गंवाई है, धारा 370 न होती तो इन लोगों की जान न जाती.- अमित शाह
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
देश के ज्यादातर हिस्सों में गैर भाजपाई भी कश्मीर से धारा-370 और 35ए हटने का जश्न मना रहे हैं. भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने दोपहर में संसद में यह प्रस्ताव रखे जाने के बाद चौराहों और बाजार में मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाई. उधर, राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को धारा-370 पर जवाब करारा दिया. उन्होंने कहा कि आज मैं एक ऐतिहासिक संकल्प और बिल लेकर आया हूं, जिस पर कई सदस्यों ने शंकाएं जताई हैं. जम्मू कश्मीर में लंबे रक्तपात का अंत अनुच्छेद 370 के खत्म करने से होगा. शाह ने कहा कि इस मौके पर आज मैं हमारे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद करना चाहता हूं.
अमित शाह ने कहा कि 41800 लोगों ने जान गंवाई है, अगर धारा 370 न होती तो इन लोगों की जान न जाती. धारा 370 को बनाए रखने की उपयोगिता पर कोई बात नहीं हुई. इससे क्या हासिल होने वाला है, इस पर कुछ बात नहीं हुई. इसकी वजह से घाटी, लद्दाख और जम्मू कश्मीर के लोगों का नुकसान हुआ है.
अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जो पाकिस्तान के शरणार्थी गए उन्हें आज तक नागरिकता नहीं मिल पाई है. देश को 2 प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह और इंद्र कुमार गुजराल) पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने दिए हैं.
गृहमंत्री ने कहा कि 370 से जम्मू कश्मीर और लद्दाख में लोकतंत्र मजबूत नहीं हो पाया और भ्रष्टाचार बढ़ता चला गया. घाटी के गांव आज भी गरीबी में जीने को मजूबर हैं क्योंकि वहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं इसी 370 की वजह से नहीं मिल पाई. साथ ही महिला विरोध, दलित विरोध और आतंकवाद की जड़ यही 370 है.
@ANI

HM Amit Shah in Rajya Sabha: We don’t believe in politics of religion, what votebank politics? Only Muslims live in Kashmir? What do you want to say? Muslims, Hindus,Sikhs,Jains, Buddhists all live there. If 370 is good it is good for all, if it is bad then it is bad for all.

उन्होंने कहा कि यह अधिकार कभी नहीं मिला, इस पर कोई नहीं बोलेगा. घाटी में सिर्फ मुस्लिम रहते हैं क्या, धारा-370 अच्छी है तो सभी के लिए है और बुरी है तो भी सभी के लिए है. तीन परिवारों ने जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र को पनपने नहीं दिया, लेकिन राष्ट्रपति शासन में वहां शांतिपूर्ण चुनाव हुए हैं. अमित शाह ने कहा कि पंचायत चुनाव में 50 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है और वहां की जनता लोकतंत्र चाहती है.

साभारः आजतक

 

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