Nationalwheels

हिन्दी पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता सराही गई

हिन्दी पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता सराही गई
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गुरुवार को क्षेत्रीय कार्यालय कार्यान्वयन गाजियाबाद द्वारा राजभाषा का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण उपनिदेशक कार्यान्वयन अजय मलिक द्वारा किया गया. उन्होंने अपने निरीक्षण में विश्वविद्यालय के राजभाषा संबंधित कार्यों का अवलोकन किया. साथ ही संसदीय राजभाषा प्रश्नावली पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने कुलसचिव इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रोफेसर नरेंद्र कुमार शुक्ल और प्रोफेसर संतोष भदौरिया से विस्तार से कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने पर चर्चा की.
उन्होंने राजभाषा अनुभाग द्वारा आयोजित राजभाषा पखवाड़ा 2019 की प्रशंसा की और बताया कि बहुत ही अच्छा प्रयास है कि छात्र-छात्राओं के लिए भी राजभाषा अनुभाग द्वारा प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं. बताते चलें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दिनांक 16 से 30 सितंबर के मध्य राजभाषा पखवारा के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है. इन्हीं प्रतियोगिताओं के क्रम में आज तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता थी.
नार्थ हाल में आयोजित इस प्रतियोगिता में इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संगठन महाविद्यालयों के लगभग सैकड़ों छात्रों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. दिल्ली दूर है, दक्षिण भारत और हिंदी गांधी और हिंदी, न नौ मन तेल होगा ना राधा नाचेगी जैसे विषयों पर छात्रों ने तात्कालिक भाषण दिया. इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज की डॉ गायत्री सिंह, आर्य कन्या डिग्री कॉलेज से डॉ कल्पना वर्मा, हिंदी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डॉक्टर अमृता, डॉक्टर सुनील सुधांशु, और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव देवेश कुमार गोस्वामी जी थे. कार्यक्रम का संयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजभाषा अनुभाग के संयोजक प्रोफेसर संतोष भदौरिया जी द्वारा किया गया. संचालन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी अनुवादक श्री हरिओम कुमार ने किया.

 

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *