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#IIPData: औद्योगिक उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, सितंबर में 3.1 फीसद बढ़ा औद्योगिक उत्पादन

#IIPData: औद्योगिक उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, सितंबर में 3.1 फीसद बढ़ा औद्योगिक उत्पादन

Industrial Production September 2022: भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी का दौर लगातार जारी है। विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के चलते सितंबर में भारत का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.1 प्रतिशत बढ़ा है। इससे पहले सितंबर, 2021 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 4.4 प्रतिशत बढ़ा था। शुक्रवार को जारी आईआईपी आंकड़ों के अनुसार सितंबर माह के दौरान सभी प्रमुख सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिली है। हालांकि सबसे अच्छा प्रदर्शन माइनिंग सेक्टर का रहा है।

समीक्षाधीन अवधि में माइनिंग सेक्टर उत्पादन 4.6 प्रतिशत और बिजली उत्पादन 11.6 प्रतिशत बढ़ा।

कैसा रहा सेक्टर का प्रदर्शन

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा 11 नवंबर को जारी आईआईपी आंकड़ों के अनुसार इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में 11.6 प्रतिशत की तेजी दखने को मिली है। वहीं माइनिंग सेक्टर में 4.6 प्रतिशत की बढ़त रही है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन सितंबर, 2022 में 1.8 प्रतिशत बढ़ा। आईआईपी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल सितंबर के महीने में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में 0.9 प्रतिशत, माइनिंग सेक्टर में 8.6 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिग सेक्टर में 4.3 प्रतिशत की ग्रोथ रही थी।

वहीं इस बार प्राइमरी गुड्स में आउटपुट 9.3 प्रतिशत बढ़ा है। कैपिटल गुड्स सेक्टर में 10.3 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली है। इंटरमीडिएट्स गुड्स आउटपुट 2 प्रतिशत और इंफ्रास्ट्रक्टर सेक्टर सेक्टर में 7.4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। IIP आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल सितंबर महीने में कैपिटल गुड्स सेक्टर में 3.3, प्राइमरी गुड्स में 4.6 ग्रोथ दर्ज की गई थी।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आईआईपी आंकड़ों के अनुसार इस साल अप्रैल-सितंबर के दौरान माइनिंग सेक्टर में 4.2 प्रतिशत की बढ़त रही है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन सितंबर, 2022 में 6.8 प्रतिशत और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में 10.8 प्रतिशत बढ़ा है। IIP आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल समान अवधि में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में 12.8 प्रतिशत, माइनिंग सेक्टर में 22.21 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिग सेक्टर में 25.9 प्रतिशत की ग्रोथ रही थी।

इस साल अप्रैल-सितंबर के दौरान आईआईपी सात प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह वृद्धि 23.8 प्रतिशत थी।

क्या है आईआईपी

आईआईपी यानि इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन एक निश्चित अवधि में औद्योगिक उत्पाद में उतार-चढ़ाव दिखाने वाला इंडेक्स है। फिलहाल आईआईपी में जिसने उत्पादों को शामिल किया गया है उनसे देश के कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत हिस्सा आता है. इंडेक्स के दो हिस्से इंडस्ट्री और यूज बेस्ड गुड्स हैं। इंडस्ट्री की कैटेगरी में माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिसिटी को शामिल किया जाता है। वहीं यूज बेस्ड गुड्स को प्राइमरी गुड्स, कैपिटल गुड्स, इंटरमीडिएट गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल्स शामिल किए जाते हैं।

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