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बुजुर्ग भूलने लगें तो समझ लें #डिमेंन्शिया अल्जाइमर की हो चुकी शुरुआत, तत्काल इलाज में है रोग का संधान

बुजुर्ग भूलने लगें तो समझ लें #डिमेंन्शिया अल्जाइमर की हो चुकी शुरुआत, तत्काल इलाज में है रोग का संधान
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

प्रीति सैनी

प्रयागराज : राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 16 सितम्बर से राष्ट्रीय डिमेन्शिया जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा हैं, जो 21 सितम्बर तक चलेगा. डिमेन्शिया अलजाइमर (भूलने की बीमारी) है. यह 60 वर्ष से अधिक के महिला व पुरुष में अत्यधिक भूलने की समस्या के रूप में होने वाली बीमारी हैं. ऐसा माना जाता हैं कि (स्मृति भ्रंश) भूल जाने की यह समस्या 60 वर्ष के बाद 5%, 70 वर्ष के बाद 10%, 80 वर्ष के बाद 15% व्यक्तियों को प्रभावित करती हैं.
इस बीमारी के लिए जागरूकता का बड़ा आभाव हैं. लोग अपनी बीमारी से ग्रसित बुजुर्गो को नज़र अंदाज़ करते हैं जिससे बीमारी और बढ़ जाती हैं. इस बीमारी में संधानात्मक क्षमताओं का एवं बौद्धिक क्षमताओं की कमी हो जाती हैं, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं. 21 सितम्बर को राष्ट्रीय डिमेन्शिया दिवस मनाया जाएगा. इस दिन आधारशिला वृद्धआश्रम में एक कार्यशाला का आयोजन कर लोगों को अलजाइमर डिमेन्शिया (भूलने की बीमारी) के बारे में जागरूक कर उनके लक्षणों के बारे में बताया जाएगा.
मोतीलाल नेहरु मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीके सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम द्वारा 16 सितम्बर से 22 सितम्बर को राष्ट्रीय डिमेन्शिया जागरूकता सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा हैं. इसमें हॉस्पिटल में आने वाले लोगों एवं बुजुर्गो को अलजाइमर डिमेन्शिया (स्मृति भ्रंश) के लक्षणों के बारे में बताया जा रहा हैं. शुरू में अगर इसका पता चल जाए तो इलाज आसान हो जाता है.

डॉ. वीके मिश्रा नोडल अधिकारी एनसीडी सेल ने बताया कि अलजाइमर डिमेन्शिया के लक्षणों के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं ताकि लोग अपने वृद्धजनों का समय से उचित इलाज करा सकें.

रोग के मुख्य लक्षण

  • स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है व हर बात भूलने की आदत पड़ जाती है.
  • डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, ब्रेन स्टोक, सिर की चोट एनीमिया व कुपोषण के साथ नशे की लत लगने से भी रोग की सम्भावना अधिक हो जाती है.

बचने के मुख्य उपाय

  • बीमारी से बचने का सबसे आसान व कारगर तरीका है बुजुर्गो को शारीरिक रूप से आपने को फिट रखने के साथ ही साथ नियमित व्यायाम करना चाहिए.
  • खाना खाने का एक नियत समय ही रखे। दिनचर्या अनियमित होने से बीमारी के होने की भी संम्भावना अधिक बन जाती है.
  • आपस में हमेशा किसी न किसी विषय पर अवश्य चर्चा करते रहना चाहिए.
राष्ट्रीय डिमेन्शिया अलजाइमर सप्ताह के अवसर पर प्रतिदिन काल्विन हॉस्पिटल में ओपीडी के दौरान जिला मानसिक स्वास्थ्य की टीम डॉ. राकेश पासवान, डॉ. ईशान्य राज, जयशंकर पटेल, शैलेश कुमार संजय द्वारा किया जा रहा हैं.

 

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