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गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइनः जून से आम लोगों के लिए खुल जाएंगे मॉल-मंदिर और रेस्टोरेंट लेकिन गर्भवती, बीमार और बच्चे यहां जानें से बचें

गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइनः जून से आम लोगों के लिए खुल जाएंगे मॉल-मंदिर और रेस्टोरेंट लेकिन गर्भवती, बीमार और बच्चे यहां जानें से बचें
लॉकडाउन के बाद अब देश धीरे-धीरे खुल रहा है। 8 जून से होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। लेकिन यहां जाने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है।बता दें कि गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में धर्मस्थलों, मॉल, रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति दी थी। अनलॉक- 1 के तहत 8 जून से इन जगहों को खोलने की सरकार ने इजाजत दी थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कामकाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि गर्भवती महिलाएं, 65 साल से ऊपर के लोग और ऐसे लोग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हों, वे काम पर जाने से बचें। वर्क प्लेस पर शारीरिक दूरी, सफाई, सैनिटाइजेशन की बात भी गाइडलाइन में कही गई है। इसमें कहा गया है कि दफ्तरों में थूकने पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।

एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी

दफ्तरों के एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है। यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाए। केवल उन्हीं लोगों को दफ्तर में आने की अनुमति दी जाए, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण ना दिखाई दें। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले स्टाफ को अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी देनी होगी। उसे तब तक दफ्तर आने की इजाजत ना दी जाए जब तक कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई ना कर दिया जाए।

कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां न चलाएं

ड्राइवरों को शारीरिक दूरी और कोरोना के संबंध में जारी नियमों का पालन करना होगा। दफ्तर के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले यह निश्चित करेंगे कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां ना चलाएं। गाड़ी के भीतर, उसके दरवाजों, स्टीयरिंग, चाभियों का पूरी तरह से डिसइन्फेक्ट होना जरूरी है। इसका ध्यान रखा जाए।

गर्भवती महिलाएं व उम्रदराज कर्मचारियों का विशेष ध्यान

गर्भवती महिलाएं, उम्रदराज कर्मचारी, पहले से बीमारियों का सामना कर रहे कर्मचारी अतिरिक्त ध्यान रखें। इन्हें ऐसा काम न दिया जाए, जिसमें लोगों से सीधा संपर्क होता हो। दफ्तरों का मैनेजमेंट अगर संभव हो तो ऐसे लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे। दफ्तरों में केवल उन्हीं लोगों को आने की इजाजत दी जाए, जिन्होंने फेस मास्क पहना हो। दफ्तर के भीतर भी पूरे समय फेस मास्क पहनना जरूरी है।

विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए

दफ्तर में विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए। केवल अधिकृत मंजूरी के साथ और किस अफसर से मिलना है इस जानकारी के बाद विजिटर को आने की इजाजत दी जाए। उसकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। बैठकों को जहां तक संभव हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही किया जाए। दफ्तरों में कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के पोस्टर, होर्डिंग जगह-जगह पर लगाए जाएं।

धार्मिक स्थल पर एक-दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी जरूरी

धार्मिक स्थल पर एक साथ बड़ी संख्या में लोग न जुटें। सभी को एक-दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी बनाए रखना होगा। धार्मिक स्थल में प्रवेश द्वार पर हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी है। बिना लक्षण वाले श्रद्धालु को ही धार्मिक स्थल में प्रवेश दिया जाए। अगर किसी को खांसी, जुखाम, बुखार आ रहा है तो उसे तुरंत रोक दें।

फेस मास्क पहने लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा

धार्मिक स्थलों पर फेस मास्क पहने लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कोविड-19 से जुड़ी जानकारी वाले पोस्टर, बैनर धार्मिक स्थल परिसर में लगाने होंगे। वीडियो भी चलाना होगा। कोशिश करें कि एक साथ ज्यादा श्रद्धालु न पहुंचे। सबको अलग-अलग करने की कोशिश करें। जूते, चप्पल श्रद्धालुओं को खुद की गाड़ी में उतारने होंगे। अगर ऐसी व्यवस्था नहीं है तो परिसर से दूर खुद की निगरानी में रखना होगा।

रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए

कंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। इसके बाहर खोले जा सकते हैं। रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। डिलीवरी करने वाले घर के दरवाजे पर ही पैकेट छोड़ दें, हैंडओवर न करें। होम डिलीवर पर जाने से पहले सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जाए। रेस्टोरेंट के गेट पर हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम होने चाहिए। केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए। कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें।

कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन लगाएं

कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे। रेस्टोरेंट में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान रखते हुए स्टाफ को बुलाया जाए। हाई रिस्क वाले कर्मचारियों को लेकर विशेष एहतियात बरती जाए। उनसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आने वाली जगह पर काम न कराया जाए। संभव हो तो कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

रेंस्टोरेंट परिसर में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए

रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। वॉलेट पार्किंग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को मास्क, हैंड गलब्स पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा पार्किंग के बाद कार की स्टेयरिंग, गेट के हैंडल को सैनिटाइज करना होगा। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें।

ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए

रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में 50 फीसद बैठने की क्षमता से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे। रेस्टोरेंट खाना खिलाने के लिए डोस्पोजेबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाथ धोने के लिए तैलिया की जगह अच्छी क्वालिटी के नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए। ग्राहकों और रेस्टोरेंट को बफेट सर्विस के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। एलेवेटर्स में एक साथ ज्यादा लोगों के जाने पर पाबंदी होगी।

 


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