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#Health: जानिए क्यों आती है हिचकी और सौंठ से कैसे रुक सकती है यह समस्या

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारत में हिचकी को लेकर तमाम अंधविश्वास जुड़े हुए हैं. कोई कहता है कि किसी के याद करने से हिचकी आती है तो कोई कहता है चोरी करके कुछ खाने से हिचकी आती है, लेकिन विज्ञान इन बातों को नहीं मानता. विज्ञान से जुड़े लोगों के पास हिचकी आने के अन्य तर्क हैं.
हिचकी पर 2018 में एक भारतीय हिंदी कॉमेडी-ड्रामा फ़िल्म भी बनी है जो सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ​​द्वारा निर्देशित है. यह ब्रैड कोहेन की आत्मकथा फ्रंट ऑफ़ द क्लास: हाउ टौरेटे सिंड्रोम मेड मी द टीचर आई नेवर हैड का एक भारतीय नाट्य रूपांतरण है. यश राज फिल्म्स ने इस आत्मकथा के अधिकार हासिल किये. बताया जाता है कि स्वयं ब्रैड कोहेन भी फ़िल्म के निर्माण के दौरान सलाह देते रहे थे. फिल्म हिचकी में रानी मुखर्जी ने टौरेटे सिंड्रोम से ग्रसित एक शिक्षक की भूमिका निभाई है, जो कुछ वंचित छात्रों के समूह को शिक्षित करके स्वयं को साबित करना चाहती है. समीक्षकों से इसे आम तौर पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं. 16 जून 2018 को शंघाई अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में हिचकी को भी प्रदर्शित किया गया था।
फिलहाल, विज्ञान की मानें तो छाती और पेट के बीच मौजूद डायफ्राम नामक मांसपेशी होती है. यह इन्हें दो अलग-अलग हिस्सों में बांटती है. सांस लेने के दौरान डायफ्राम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. किसी वजह से यदि डायफ्राम सिकुड़ती है तो फेफड़े तेजी से हवा अंदर खींचते हैं जिससे सांस लेने में परेशानी आने लगती है. इसी वजह से हिचकी शुरू हो जाती है. हालांकि, यह भी सच है कि अब तक हिचकी आने की असली वजह को जाना नहीं गया है. अतः जो भी तथ्य हिचकी से जुड़े हैं या हिचके आने की वजह माना गया है वे पूर्णतया अनुमानों पर आधारित हैं.
ऐसा भी माना जाता है कि हमें अधिक मिर्च मसालेदार व्यंजन खाने के बाद अथवा हड़बड़ी में खाना खाने के बाद अचानक ही हिचकी आने लगती है. सामान्य रूप से यह जाना जाता है कि हिचकी आने के पीछे के मूल वजह खुराक के कणों का श्वसन नलिका मे फँस जाना होता है.

जल्दी-जल्दी खाने से
यदि आप बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाती हैं तो इससे खाना गले में फंसने का खतरा रहता है. इसके साथ ही यदि आप जल्दी-जल्दी में पानी से खाना पेट के अंदर धकेलने की कोशिश करती हैं तो इससे हिचकी आने लगती है. इसके अलावा यदि आप बहुत ज्यादा मसालेदार या स्पाइसी खाना खा लेती हैं तो भी हिचकी आने की आशंका बनी रहती है.
ज्यादा खाने
अगर आप जल्दी नहीं भी खा रही हैं लेकिन बहुत ज्यादा खा रही हैं बल्कि खाती जा रही हैं तो इससे भी हिचकी आने की आशंका में इजाफा होता है. इसके साथ ही अध्ययनकर्ता ये भी कहते हैं कि यदि आप शराब के अत्यधिक सेवन करती हैं तो भी इससे हिचकी आने का अंदेशा बना रहता है.
गैस्ट्रिक की समस्या
कई बार पेट में दर्द या गैस्ट्रिक की समस्या के कारण भी हिचकी आती है. विशेषज्ञों की मानें तो रक्तस्राव या खून की कमी भी हिचकी का कारण हो सकते हैं. ऐसी समस्या हो तो हिचकी को हल्के में लेने की बजाय तुरंत डाक्टर के पास जाना चाहिए. क्योंकि हिचकी खतरनाक बीमारी में तब्दील हो सकती है.
हिचकी के खतरे
यूं तो हिचकी कुछ ही सेकेंडों में रुक जाती है, लेकिन यदि किसी कारणवश आपकी हिचकी घंटों न रुक रही हो तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें. वरना, यह एक खतरनाक स्थिति तक भी पहुंच सकती है. कई मरीजों में ऐसा भी देखने को मिला है कि दवा लेने के बाद भी हिचकी दो-तीन दिनों तक लगातार बनी हुई है.

 

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