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हल्दिया-जगदीशपुर गैस पाइप लाइन से #प्रयागराज का #फूलपुर भी जुड़ेगा, ऊर्जा गंगा परियोजना शुरू

हल्दिया-जगदीशपुर गैस पाइप लाइन से #प्रयागराज का #फूलपुर भी जुड़ेगा, ऊर्जा गंगा परियोजना शुरू
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
हल्दिया से जगदीशपुर गैस पाइप लाइन प्रयागराज के फूलपुर से भी जुड़ेगी. इस परियोजना से जुड़ जाने के कारण अब फूलपुर और उससे जुड़े प्रयागराज में उद्योगों के साथ घरेलू उपयोग और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली पीएनजी के लिए निकट भविष्य में दिक्कत की आशंका भी खत्म हो गई है. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ऊर्जा गंगा परियोजना को प्रारंभ कर दिया गया है. यह परियोजना हल्दिया से बिहार, झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश में वाराणसी, गोरखपुर जैसे शहरों को भी जोड़ रही है. अमेठी जनपद में स्थित जगदीशपुर से आसपास के कई जिलों की गैस आपूर्ति भी होने लगेगी.
हल्दिया-जगदीशपुर गैस पाइप लाइन परियोजना से झारखंड का बोकारो शहर भी जुडे़गा जो स्टील निर्माण के लिए विख्यात है. परियोजना से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता, बिहार की राजधानी पटना, उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत 40 जिलों के 2600 गांव जुड़ रहे हैं. इस परियोजना के पूरा होने के बाद गुजरात के हजीरा की गैस जरूरत पड़ने पर कोलकाता तक पहुंचाई जा सकेगी. इस परियोजना को देश की हिन्दी पट्टी में पहली गैस ग्रिड के रूप में देखा जा रहा है. दोनों परियोजनाएं जगदीशपुर में लिंक हो रही हैं.

हजीरा-जगदीशपुर गैस पाइप लाइन गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शहरों को पहले ही जोड़ चुकी है. फूलपुर में जगदीशपुर से हजीरा की गैस पहले से ही पहुंचनी शुरू हो चुकी है. यही नहीं, मध्य प्रदेश से फूलपुर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज की भी एक गैस पाइप लाइन परियोजना लगभग पूरी होने वाली है, जो सतना, कोरांव, मेजा होते हुए फूलपुर को जोड़ रही है. इस परियोजना के जरिए रिलायंस भी फूलपुर तक गैस की आपूर्ति कर सकेगी. इसके बाद फूलपुर गैस परियोजनाओं के एक बड़े हब के रूप में विकसित हो जाएगा. यह संभावना भी जताई जा रही है कि प्रयागराज में स्थापित हो रहे बिजली घर भी निकट भविष्य में गैस पर संचालित किए जा सकते हैं या फूलपुर क्षेत्र में गैस आधारित नया बिजली घर भी लग सकता है. प्रयागराज में स्थापित मेजा और बारा बिजली उत्पादन केंद्र कोयला आधारित हैं.
हजीरा-विजईपुर-जगदीशपुर (जिसे एचवीजे के रूप में भी जाना जाता है) भारत की पहली क्रॉस कंट्री गैस पाइपलाइन है. परियोजना की शुरुआत 1986 में उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित उर्वरक संयंत्रों को गैस की आपूर्ति के लिए गेल (इंडिया) लिमिटेड को शामिल करने के बाद की गई थी. 1997 में 1,750 किलोमीटर ग्रिड वाली परियोजना का पहला चरण शुरू किया गया था. बाद में राजस्थान, हरियाणा और एनसीटी राज्यों में औद्योगिक और घरेलू उपयोग के लिए गैस की आपूर्ति के लिए अतिरिक्त शाखाओं के साथ प्रणाली का विस्तार किया गया, जिससे ग्रिड की लंबाई 3,474 किमी हो गई.
कंप्रेसर स्टेशन
हजीरा, झाबुआ, विजईपुर और औरैया के 4 कंप्रेसर स्टेशनों में स्टेशनों के संचालन के लिए आवश्यक विद्युत शक्ति का उत्पादन करने के लिए 28 गैस टरबाइन संचालित कम्प्रेसर और 8 गैस टरबाइन संचालित जनरेटर हैं. इन चार 4 स्टेशनों से कुल उत्पादन 101,000 किलोवाट विद्युत उत्पादन संभव है. प्रत्येक कंप्रेसर स्टेशन में एक गैस कूलिंग सिस्टम, बिजली पैदा करने वाले सेट, अग्निशमन प्रणाली, ईंधन गैस मीटरिंग सिस्टम और सभी आवश्यक उपकरण और नियंत्रण शामिल हैं.

 

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