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गोडसे ने एक को मारा, कसाब ने 72 और राजीव गांधी ने 17000 को, क्रूर कौन? भाजपा सांसद नलिन

गोडसे ने एक को मारा, कसाब ने 72 और राजीव गांधी ने 17000 को, क्रूर कौन? भाजपा सांसद नलिन
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
अभिनेता से तमिलनाडु की राजनीति में नेता बने कमल हासन के द्वारा नाथूराम गोडसे को भारत का पहला हिन्दू आतंकवादी कहने के बाद उठा विवाद अब दूसरे रूप में सामने आने लगा है. कमल हासन के जवाब में भोपाल की भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने का विवाद पूरी तरह थमा भी नहीं कि कर्नाटक के भाजपा सांसद ने आग में घी डालने का काम कर दिया है.
सांसद नलिन कुमार काटेल ने महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से करते हुए एक विवादित ट्वीट कर दिया. नलिन कुमार कटेल ने ट्वीट किया कि गोडसे ने एक की हत्या की, कसाब ने 72 को मार डाला, राजीव गांधी ने 17000 को मार दिया. आप न्याय करें कि इनमें से कौन ज्यादा क्रूर है??

सांसद नलिन दक्षिण कन्नड़ लोकसभा क्षेत्र से 2019 के आम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी भी हैं. उनके ट्वीट के बाद कर्नाटक की राजनीति में भारी हंगामा मचा हुआ है. विवाद बढ़ा तो नलिन ने ट्वीट को हटा दिया लेकिन तब तक बड़ी संख्या में लोग उस ट्वीट को रि-ट्वीट कर चुके थे.
उधर, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने भी गोडसे के लिए बल्लेबाजी की. उन्होंने इस विवाद को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे को चल रही बहस से खुशी हुई होगी. नलिन की हटा दी गई विवादित ट्वीट के जवाब में अनंत कुमार हेगड़े ने कहा, “मुझे खुशी है कि 7 दशक बाद आज की पीढ़ी एक बदले हुए अवधारणात्मक वातावरण में बहस करती है और निंदा की जाने की अच्छी गुंजाइश देती है. नाथूराम गोडसे को अंततः इस बहस से खुशी हुई होगी!”
प्रकरण को लेकर विवाद उठा तो बीजेपी प्रवक्ता अनिल सौमित्र ने नाथूराम गोडसे विवाद के लिए आग में घी डाला और कहा कि महात्मा गांधी पाकिस्तान के राष्ट्र के पिता थे. उधर, कांग्रेस नेताओं की ओर से इस प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है.
गौरतलब है कि अजमल कसाब 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल था और उसे 2012 में फांसी पर लटका दिया गया था. साथ ही 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके जवाब में भड़की हिंसा में 3000 से ज्यादा सिखों का कत्लेआम किया गया था. दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में तीन दिनों तक चले हिंसा के नंगे नाच में आरोपी बनाए गए कुछ कांग्रेसी नेताओं को न्यायालय से सजा भी हो चुकी है.
भाजपा आरोप लगाती रही है कि सिखों की हत्या में आरोपी बनाए गए ज्यादातर नेता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी थे. उन्होंने इंदिरा की हत्या के बाद बनी कांग्रेसी सरकार में दागी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर पुरस्कृत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा चुनावों के भाषणों में इसका जिक्र कर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर आरोप लगा चुके हैं. भाजपा नेता समय-समय पर कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी को 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए घेरते रहे हैं.
इससे पहले, भोपाल में भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने एक रोड शो में कहा, “नाथूराम गोडसे एक देशभक्त (देशभक्त) था, एक ‘देशभक्त’ है और एक ‘देशभक्त’ बना रहेगा। उसे आतंकवादी कहने वाले लोग उसके बजाय दिखना चाहिए। चुनाव में उचित जवाब दिया जाएगा।”
चुनाव के अंतिम चरण में मची रार के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विगत दो दिनों में अनंत कुमार हेगड़े, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और नलीन कटील के जो बयान आए हैं वो उनके निजी बयान हैं, उन बयानों से भारतीय जनता पार्टी का कोई संबंध नहीं है.

 

 

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