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खुदकुशी से पूर्व पीसीएस अधिकारी की अपने ड्राइवर से रात में होती थी बातचीत

खुदकुशी से पूर्व पीसीएस अधिकारी की अपने ड्राइवर से रात में होती थी बातचीत

बलिया की मनियर नगर पंचायत की ईओ की आत्महत्या के मामले में रोज हो रहे नए खुलासे

पीसीएस अधिकारी और बलिया जिले के मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी ( ईओ ) मणिमंजरी राय की आत्महत्या के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार कॉल डिटेल के मुताबिक ईओ और ड्राइवर चंदन कुमार के बीच रात में हर रोज फोन पर बात होती थी। पुलिस ने शनिवार को ड्राइवर को पकड़ा है और उससे पूछताछ हो रही है। बता दें कि ईओ मणिमंजरी की लाश सोमवार छह जुलाई को उनके ही घर में पंखे से लटकती मिली थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर के आवास-विकास कालोनी से मनियर जाने व वापस लाने का काम करने वाले चालक की ईओ से फोन पर करीब-करीब रोज रात में बात होती थी। कॉल डिटेल के अनुसार चालक की ओर से आमतौर पर रात नौ बजे के बाद फोन किया जाता था। चालक का कहना है कि मैडम परेशान होने पर ही बात करती थीं। व्यक्तिगत परेशानी और विभागीय मामलों पर ही बात होती थी। ईओ के भाई की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मनियर के चेयरमैन भीम गुप्त, सिकन्दरपुर के ईओ संजय राव, मनियर नपं के लिपिक विनोद सिंह व कम्प्यूटर आपरेटर अखिलेश के साथ ही अज्ञात चालक व अन्य अज्ञात पर आत्महत्या के लिये प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया है। जांच में चालक की पहचान शहर के अमृतपाली निवासी चंदन वर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने उसे शनिवार को ही कब्जे में लेकर पूछताछ की।
नायब तहसीलदार से हुई थी अंतिम बात
जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार मणिमंजरी की अंतिम बातचीत नायब तहसीलदार रजत सिंह से हुई थी। काफी देर तक दोनों की बातचीत चली थी।
नायब तहसीलदार ने रात आठ बजे से साढ़े आठ बजे के बीच दो बार ईओ से बात की। पहली बार लगभग आधे घंटे बात हुई और फोन कट गया। इसके बाद दोबारा नायब तहसीलदार ने फोन किया और फिर लगभग 45 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई। पुलिस के मुताबिक कॉल डिटेल से पता चला कि एक दिन पहले पांच जुलाई को भी दिन व रात में दोनों के बीच कई बार फोन से संपर्क हुआ। हालांकि इस वार्ता का विषय क्या था, यह नायब तहसीलदार से पूछताछ से स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का मानना है कि नायब तहसीलदार व ईओ के बीच लगभग हर रोज फोन पर लम्बी बातचीत होती थी। चालक चंदन को नायब तहसीलदार ने ही रखवाया था। बताया जाता है कि नायब तहसीलदार कुछ महीने पहले जिले के चितबड़ागांव में ईओ के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान आरोपित चालक ही उनकी कार को चलाता था। इसके बाद वह नायब तहसीलदार बन गये और मणिमंजरी की पोस्टिंग मनियर ईओ के पद पर हो गयी। तब नायब तहसीलदार ने ही अपने पुराने चालक को मणिमंजरी के यहां रखवा दिया था ।

 


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