इलाहाबाद से झूंसी के रास्ते वाराणसी तक अब दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन, सीआरएस का ग्रीन सिग्नल, ट्रेन-18 की बाधा दूर

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स       
कुंभ के दौरान प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, बलिया और छपरा तक के रेल यात्रियों के लिए रेलवे ने बुधवार की देर शाम खुशखबरी सुनाई है. इलाहाबाद जंक्शन से रामबाग, झूंसी के रास्ते मंडुआडीह-वाराणसी-बलिया होते हुए छपरा तक इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनें अब दौड़ सकेंगी. इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने हरी झंडी दिखा दी है.
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव के मुताबिक रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने 17 जनवरी को इलाहाबाद से वाराणसी के बीच विद्युतीकरण कार्य की जांच की थी. सेफ्टी कमिश्नर ने 124 किमी लंबे इलाहाबाद-वाराणसी रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन को मंजूरी प्रदान कर दी है. अब इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों को दौड़ाया जाएगा.

गौरतलब है कि छपरा-वाराणसी-इलाहाबाद के 330 किमी रेलमार्ग को विद्युतीकृत करने की परियोजना वर्ष 2015 में मंजूर की गई थी. इसमें छपरा से बलिया और बलिया से वाराणसी के बीच 2018 में ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा चुका है. अब वाराणसी से इलाहाबाद के बीच भी इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ सकेंगी. उम्मीद है कि इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों के संचालन से ट्रेनों की गति में भी तेजी आएगी.
ट्रेन-18 की बाधा भी हुई दूर
नई दिल्ली से इलाहाबाद के रास्ते वाराणसी तक ट्रेन-18 को शुरू करने के लिए इलाहाबाद से वाराणसी के बीच इलेक्ट्रिक रूट को तेजी के साथ नवंबर-2018 में ही पूरा किया गया है. सीआरएस से क्लीयरेंस के लिए भी रेलवे ने जोर लगाया था. अब सीआरएस क्लीयरेंस के बाद ट्रेन-18 के शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. गौरतलब है कि पिछले दिनों रेल मंत्री ने भी नई दिल्ली से कानपुर, इलाहाबाद के रास्ते ट्रेन-18 को वाराणसी तक चलाने का ऐलान किया था लेकिन उन्होंने तिथि घोषित नहीं की थी. रेल अफसरों के अनुसार इसकी मुख्य अड़चन सीआरएस की अनुमति मिलने की बाधा ही थी. सात जनवरी को यह ट्रेन नई दिल्ली से इलाहाबाद के बीच 130 किमी प्रति घंटे का ट्रॉयल रन भी कर चुकी है.
वाराणसी-इलाहाबाद के बीच रेलमार्ग दोहरीकरण भी
वाराणसी से माधो सिंह के रास्ते इलाहाबाद तक रेलमार्ग दोहरीकरण परियोजना पर भी कार्य तेजी के साथ चल रहा है. वाराणसी से माधो सिंह स्टेशन के मध्य काफी कार्य हो चुका है. माधो सिंह से इलाहाबाद के मध्य दोहरीकरण के कार्य होने हैं. इस परियोजना के तहत झूंसी से दारागंज के बीच गंगा पर दो लाइनों का नया रेल पुल भी बनेगा. इसका कार्य कुंभ मेला खत्म होते ही शुरू हो जाएगा. दोहरीकरण परियोजना पूरी होने के बाद 124 किमी की रेल यात्रा दो से ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी. वाराणसी से नई दिल्ली के लिए यह सबसे नजदीकी रेलमार्ग भी है.
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