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राजधानी, शताब्दी और दूरंतों ट्रेनों के लिए मिला 160 किमी प्रति घंटे की गति वाला इलेक्ट्रिक इंजन

राजधानी, शताब्दी और दूरंतों ट्रेनों के लिए मिला 160 किमी प्रति घंटे की गति वाला इलेक्ट्रिक इंजन
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
मिशन रफ्तार को दो कदम आगे बढ़ाते हुए रेलवे के 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ने वाले इलेक्ट्रिक इंजन को भी ट्रैक पर उतार दिया है. यह इंजन 24 कोच वाली ट्रेनों को 150 किमी प्रति घंटे की गति से आसानी से गंतव्य तक पहुंचा सकेंगे. रेल मंत्री पीयुष गोयल ने इस इंजन को दिल्ली में यात्री ट्रेनों में लगाने के लिए लांच किया है. इसके पहले यात्री ट्रेनों में 140 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाले इंजन लगाए जा रहे थे. इन इजनों को राजधानी, शताब्दी और दूरंतो एक्सप्रेस में इस्तेमाल किया जा रहा है.
रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रेल भवन से वीडियो लिंक द्वारा डब्ल्युएपी-7एचएस इलेक्ट्रिक इंजन का अनावरण किया. डब्ल्युएपी-7एचएस इलेक्ट्रिक इंजन भारतीय रेलवे का सबसे ताकतवर इंजन है जो 24 डिब्बों की रेलगाडी को तीव्र गति से खींचने में सक्षम है. पहले इस इंजन की अधिकतम सेवा गति 140 किलोमीटर प्रतिघंटा थी. रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाडियों को तीव्र गति से चलाना और यात्रियों के यात्रा समय में कमी लाने के लिए इंजनों की अधिकतम गति सीमा को बढ़ाना समय की आवश्यकता है.
इस उद्देश्य के लिए भारतीय रेलवे ने डब्ल्युएपी-7एचएस इलेक्ट्रिक इंजनों की गति सीमा को 140 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की योजना बनाई. चितरंजन लोको वर्कशॉप ने डब्ल्युएपी-7 इंजनों का नया संस्करण डब्ल्युएपी-7एचएस इलेक्ट्रिक इंजन तैयार किया है जो 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम गति सीमा वाला है. यह नए प्रकार का इंजन राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलगाडियों में प्रयोग किया जायेगा.
यह कार्य ‘मेक इन इंडिया’के अंतर्गत किया गया है. इस इंजन का पूरा डिजाइन और विकास स्वदेशी स्तर पर चितरंजन लोको वर्कशॉप द्वारा किया गया है. इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के सदस्य इंजीनियरिंग विश्वेश चौबे तथा सदस्य ट्रैक्शन घनश्याम सिंह और रेलवे के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

 

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