ईवीएम बदले की खबरों को चुनाव आयोग ने किया दरकिनार, कहा- रिजर्व मशीनों के दिखाए जा रहे हैं वीडियो

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस का झंडा कौन फहराएगा? 23 मई को किसकी सरकार बनेगी और चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री का पद किसके हाथ होगा? जैसे सवालों के बीच एक्जिट पोल के नतीजों ने विपक्ष की धड़कनों को बढ़ा दिया है. चुनाव परिणामों के पहले ही सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली की राजनीति में ईवीएम को लेकर हलचल मच गई है. ट्वीटर पर लगातार देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं जिससे यह साबित हो सके कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से स्ट्रांग रूम में मतगठना के ठीक पहले ईवीएम रखने की साजिश रची जा रही है.
मंगलवार को EVM और वीवीपीएटी के मुद्दे पर 22 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने चुनाव आयोग के साथ बैठक भी की. इन पार्टियों की मांग है कि 23 मई को वोटों की गिनती शुरू होने से पहले मतदान केंद्रों पर VVPAT पर्चियों की जांच की जाए. हालांकि, चुनाव आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की शिकायतों को दरकिनार कर दिया.
पार्टियों का कहना है कि अगर किसी बूथ पर वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान सही नहीं मिलता तो उस विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाए और उनका मिलान ईवीएम के नतीजों से किया जाए. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने निर्वाचन आयोग से बैठक के बाद कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी होने का अंदेशा है.
विपक्षी नेताओं के साथ बैठक के बाद ऐसी सभी खबरों पर चुनाव आयोग ने विराम लगा दिया है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि स्ट्रांग रूम में नई ईवीएम जमा कराई जा रही हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनें पूरी तरह सेफ हैं. चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को 23 मई को वोटों की गिनती से पहले नई मशीनों से बदलने के आरोपों को भी चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया.
चुनाव आयोग ने बिहार की सारण, यूपी की डुमरियागंज, चंदौली, गाजीपुर और झांसी में वोटिंग के बाद ईवीएम के गलत इस्तेमाल की शिकायतों पर कार्रवाई के बाद किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका से इनकार कर दिया. चुनाव आयोग ने टीवी और सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को गलत बताया और कहा कि इनमें जो मशीनें दिखाई गई हैं, उनका इस्तेमाल चुनाव में नहीं किया गया.

मशीनों को पोलिंग बूथ तक ले जाने और उनकी देखभाल में गड़बड़ी की शिकायतों पर नोटिस लेते हुए चुनाव आयोग ने राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से तुरंत जांच रिपोर्ट मांगी. जांच में सामने आया कि जिन मशीनों की शिकायत की गई, उनका वोटिंग के दौरान इस्तेमाल नहीं किया गया है. वीडियो में दिखाई जा रहीं रिजर्व मशीनें हैं. अगर मतदान के दौरान मशीनों में दिक्कत आती है तो रिजर्व मशीनों का ही इस्तेमाल किया जाता है.
चुनाव आयोग ने कहा कि वोटिंग के बाद ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को सील किया जाता है और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाता है. उम्मीदवार और उनके प्रतिनिधि स्ट्रॉन्ग रूम को कभी भी देख सकते हैं.

 

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