झरही नदी का पानी हुआ दूषित, पर्यावरण और जलीय जंतुओं को ख़तरा

– नेपाल के नवलपरासी स्थित शराब की फैक्ट्रियों से गिराया जा रहा भारतीय क्षेत्रों की नदियों में प्रदूषित पानी

अरुण वर्मा

महराजगंज। मित्र राष्ट्र नेपाल के नवलपरासी में स्थित शराब की फैक्ट्रियों से दूषित पानी को भारतीय क्षेत्र को आने वाली झरही व चन्दन नदी में गिराये जाने के कारण जन जीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर होता दिख रहा है। दूषित पानी की बदबू से लोगो का जीना दूभर हो गया है वही पशु पक्षियों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। गंदा व बदबूदार पानी झरही नदी में गिरने से नदी का पानी काला होकर प्रदूषित हो रहा है। सोहगीबरवा वन्यजीव विहार से गुजरने विली इस नदी का पानी पीने से जंगली जानवरों के जान का खतरा है।
पड़ोसी मुल्क नेपाल के नवलपरासी से होकर बहने वाली झरही उर्फ प्यास नदी भारतीय सीमा क्षेत्र के ठूठीबारी स्थित कोतवाली के सटे पश्चिम होकर राजाबारी, भरगाही, लक्ष्मीपुर, डगरुपुर, नवडिहवां, खैरहवांजंगल, दोमुहाने, मल्लाहटोली, लोहारटोला, बकुलडीहा, सुकरहर,सिहाभार आदि दर्जनों गांव से होते हुए सोहगीबरवां वन्य जीव के मधवलियां रेंज से होकर बहता है।
नदी के जल से नदी के आस पास गांव के पशु पालकों के पशु एवं जंगली जानवर अपनी प्यास बुझाते हैं, लेकिन कई महिनों से इस नदी मे नवलपरासी जिले में स्थित शराब की फैक्ट्री के गंदे बदबूदार विषैले पानी को बहाया जा रहा है।
इलाके के पशुपालकों का कहना है नदी के पानी के प्रदूषित होने से उनके पशुओं के जान का खतरा है। वहीं गंदे बदबूदार पानी से नदी किनारे बसे ग्रामीण बदबू के कारण नाक बंद कर आ जा रहे हैं। नदी के गंदे पानी से पशु एवं जंगली जानवरों के स्वास्थ्य पर खतरा मडराने के साथ ही क्षेत्र मे संक्रामक रोग फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कुछ माह पूर्व हियुवा के जिलाध्यक्ष नरसिंह पाण्डेय ने सीएम को पत्र सौंप झरही नदी मे नेपाल के शराब की फैक्ट्री का गंदा पानी बंद करने की मांग की है।
पड़ोसी मुल्क नेपाल के नवलपरासी से होकर बहने वाली झरही उर्फ प्यास नदी में नवलपरासी स्थित शराब की फैक्ट्री का गंदा बदबूदार पानी झरही नदी में वर्षों से बहाया जा रहा है। जिससे नदी के समीप बसे ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ गयीं है। वहीं मधवलियां रेंज के बसौली जंगल मे जंगली जानवरों पर जल संकट को देखते हुये हियुवा जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय के नेतृत्व में हियुवा पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल गोरखपुर आगमन पर सीएम योगीआदित्य नाथ से मिल उक्त प्रकरण के संबंध मे पत्रक सौंपा था।
जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में होने की बात कहते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था कि नेपाल के संबंधित जिला प्रशासन से इस प्रकरण पर बात कर अंकुश लगाए। बावजूद अब तक इसपर गंभीर पहल नही किया जा सका। जिसको लेकर नेपाली सीमावर्ती क्षेत्र से लगायत भारतीय क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त है।

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