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समाजसेवी नवाब सिंह नजरबंद, फीस माफी को लेकर सीएम को देना चाहते थे ज्ञापन

समाजसेवी नवाब सिंह नजरबंद, फीस माफी को लेकर सीएम को देना चाहते थे ज्ञापन
अयोध्या। फीस माफी अभियान को लेकर लगातार चर्चा में रहे समाजसेवी नवाब सिंह को उनके सरायरासी स्थित आवास पर रविवार को जिला प्रशासन ने नजर बंद कर दिया है। उनके आवास के बाहर फोर्स तैनात की कर दी गई है। जिससे कि मुख्यमंत्री के संभावित आगमन पर समाजसेवी फीस माफी अभियान को लेकर किसी प्रकार का ज्ञापन आदि न दे सके। फीस माफी को लेकर समाजसेवी की ओर से जिला प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा की गई थी। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्यवाही फीस माफी को लेकर नहीं की गई। बल्कि समाज सेवी को मुख्यमंत्री के समक्ष फीस माफी को लेकर अपनी बात रखने से भी रोक दिया गया। उन्हें उनके ही आवास पर नजर बंद करके घर के बाहर फोर्सर्स बैठा दी गई। जिससे वह घर से निकल सके।
दरअसल समाजसेवी नवाब सिंह की ओर से तथा उनके अन्य सहयोगी साथियों के द्वारा पूरे जनपद में फीस माफी अभियान चलाया जा रहा है। जिसका असर विद्यालय प्रबंधकों पर पड़ा और तमाम विद्यालय प्रबंधकों की ओर से अपने विद्यालय के बच्चों की तीन माह की फीस माफी का ऐलान भी कर दिया गया। लेकिन जिले के ऐसे भी कई विद्यालय हैं। जिन्होंने अभी तक अपने विद्यालय के बच्चों की फीस माफ नहीं की है। जिसे लेकर समाजसेवी नवाज सिंह लगातार उन विद्यालयों के खिलाफ बिगुल बजा रखे हैं। सोशल मीडिया पर समाजसेवी की ओर से ऐसे विद्यालयों द्वारा जिन्होंने अभी तक अपने विद्यालयों के बच्चों का तीन महीने का फीस माफ नहीं किया है। उनके खिलाफ धरना प्रदर्शन करने का भी मन बना रहे थे। इसी बीच जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम लग गया। इसकी भनक लगते ही समाजसेवी नवाब सिंह की बांछें खिल उठी और उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष फीस माफी को लेकर अभिभावकों की समस्या रखने का मन बना लिया। लेकिन समाजसेवी की भावनाओं पर पानी तब फिर गया। जब उन्हें उनके ही सरायरासी स्थित पैतृक आवास पर नजर बंद कर दिया गया और घर के बाहर भारी फोर्स तैनात कर दी गई। जिससे कि वह मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात न रख सके।
समाजसेवी नवाब सिंह ने बताया कि फीस माफी अभियान को लेकर दो बार जिला प्रशासन से सहयोग की गुहार लगाई गई थी। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के कारण बड़ा कष्ट हुआ। उन्होंने कहा कि फीस माफी अभियान जनहित मैं उठाया गया कदम है। कोरोनाकॉल में तमाम अभिभावक भारी संकट से गुजर रहे थे ऐसे में उनके बच्चों की फीस माफी कराने के लिए किसी को आगे आना था। इसी कारण से फीस माफी अभियान का बीड़ा उठाया गया है। रविवार को जब उन्हें जानकारी हुई कि जिले में मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो फीस माफी अभियान को लेकर मुख्यमंत्री से अभिभावकों की समस्या को लेकर सीएम के समक्ष रखने का मन बनाया तो जिला प्रशासन ने फीस माफी अभियान की धार कुंद करने की नियत से आवास पर नजरबंद कर दिया और घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने का हक जिला प्रशासन छीन रहा है। उन्होंने बड़े भावुक शब्दों में समाजसेवी नवाब सिंह ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को फीस माफी को लेकर जानकारी हो जाएगी तो वह मेरी बात अवश्य सुनते। लेकिन दूर्भाग्य से सीएम तक मेरी बात पहुंची नहीं पाई।

 


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