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कांग्रेस की खामोशी की वजह से दिल्ली जीत गई आप?

कांग्रेस की खामोशी की वजह से दिल्ली जीत गई आप?

दिल्ली विधानसभा का चुनाव परिणाम आने के बाद एक चर्चा तेज है कि आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे क्या कांग्रेस की खामोशी रही है?

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

यशोदा श्रीवास्तव

दिल्ली विधानसभा का चुनाव परिणाम आने के बाद एक चर्चा तेज है कि आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे क्या कांग्रेस की खामोशी रही है? सच है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम कांग्रेस के मंशानुरूप नहीं है. उसे चार पांच सीट जीतने की आश थी, वह भी नहीं जीत पाई लेकिन क्या दिल्ली के चुनाव परिणाम से कांग्रेस के भविष्य का मूल्यांकन करना ठीक रहेगा? शायद नहीं.
राजनीतिज्ञों के एक हिस्से में कहा जा रहा है कि दिल्ली विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के लिए एक प्रयोग था, जो सफल रहा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री नरवदेश्वर शुक्ल कहते हैं कि यह कांग्रेस की अनुकम्पा है जो दिल्ली में भाजपा औंधे मुंह गिरी है. कहते हैं कि भाजपाई आज आप की जीत और अपनी अप्रत्याशित हार पर हतप्रभ नहीं हो रहे होंगे, ब्लकि कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर अपने चाणक्य को जी भर कोस रहे होंगे.
बताने कि जरूरत नहीं कि जब दिल्ली में चुनाव प्रचार शबाब पर था तब कांग्रेस के पुर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जयपुर और वायनाड में रैली को संवोधित कर रहे थे. कांग्रेस अध्यक्ष के इस पोलिटेकल स्टेटजी से राजनीतिक समीक्षक हैरान थे ही, कांग्रेस के वे तमाम शुभचिंतक भी हैरान थे जो दिल्ली में कांग्रेस के कुछ अच्छा करते हुए देखना चाहते थे.
पूर्व विधायक ईश्वर चंद शुक्ल की यह टिप्पणी काबिले गौर है कि कांग्रेस का लक्ष्य हर हाल में दिल्ली चुनाव के बहाने बीजेपी को हतोत्साहित करना था. बड़ी साफगोई से उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता का मूड कांग्रेस ने भांपकर ही दिल्ली विधानसभा चुनाव में बहुत सक्रियता नहीं दिखाई. कहा कि हर चुनाव स्वयं ही जीतने के लिए नहीं लड़े जाते. निसंदेह कांग्रेस यदि सामान्य ढंग से भी चुनाव लड़ी होती तो 15–20 सीट पर विजय हासिल कर सकती थी लेकिन तब क्या होता, तब सत्ता बीजेपी के हाथ में आ जाती. कांग्रेस यह नहीं चाहेगी. दिल्ली कांग्रेस भले हार गई लेकिन उसने अहंकार को हराया भी तो.दिल्ली में भाजपा की हार का मतलब उसके घमंड की हार.यह हार झूठे हिंदुत्व की है और इस देश में गंगा यमुनी तहजीब के नेस्तनाबूद करने की साजिश और षणयंत्र की है.
कांग्रेस के दलित नेता राम प्यारे प्रसाद कहते हैं कि दिल्ली चुनाव में कांग्रेस नीलकंठ की तरह उभरकर आई है. देश बचाने के लिए इस चुनाव में मैदान में रहकर भी दूर रहने की उसकी कुरबानी को समझना होगा.कहा कि हालाकि कांग्रेस के कई नामचीन नेताओं का हारना अखर रहा है.

 


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