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#DelhiResults आप की हैट्रिक, कांग्रेस का सूपड़ा साफ, 3 से 13 पर अटकी भाजपा

#DelhiResults आप की हैट्रिक, कांग्रेस का सूपड़ा साफ, 3 से 13 पर अटकी भाजपा
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 के परिणाम आ रहे हैं. अब तक आम आदमी पार्टी भारी बहुमत की ओर बढ़ चुकी है. दिल्ली में आप को करीब 57-58 सीटें मिलती दिख रही हैं. सभी दिग्गज नेताओं के धुआंधार आक्रामक प्रचार के बाद भी भारतीय जनता पार्टी 12-13 सीटों पर सिमट रही है. यही नहीं, कांग्रेस का एक बार फिर पूरी तरह से सूपड़ा साफ होता दिख रहा है. अब तक एक भी सीट पर कांग्रेस को बढ़त हासिल नहीं हो सकी है. यहां तक कि आम आदमी पार्टी छोड़़कर कांग्रेस में शामिल हुई अलका लांबा भी पराजित हो गई हैं.
अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उनकी आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनावों में एक स्पष्ट विजेता के रूप में उभर रही है. केजरीवाल खुद नई दिल्ली सीट से आगे चल रहे हैं. वहीं अतीशी, मनीष सिसोदिया जैसे पार्टी के प्रमुख चेहरे क्रमश: कालकाजी और पटपड़गंज में लड़ाई में लगे हुए हैं.
ओखला में, सीएए के विरोध प्रदर्शनों की गर्माहट दिखी. AAP के अमानतुल्लाह खान ने करीब 70 हजार वोटों से एक महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आप ने अब तक दो सीटें ट्राई नगर, शालीमार बाग जीती हैं.
भाजपा, जिसका अभियान नए नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन स्थल शाहीन बाग पर केंद्रित था, ने राजधानी में लाभ 2015 की अपेक्षा थोड़ा ठीक स्थिति में रही. पांच साल पहले भाजपा 3 सीटों पर सिमट गई थी. वर्तमान में 13 सीटों पर आगे चल रही है.
कई विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी और भाजपा प्रत्याशियों के बीच कांटे की लड़ाई देखने को मिल रही है. दोनों दलों के प्रत्याशियों के बीच मार्जिन बहुत कम हैं. हालत यह है कि प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी एक दूसरे को पटखनी देकर आगे-पीछे हो रहे हैं. इसके साथ ही भाजपा को दिल्ली की सत्ता के लिए 5 साल और इंतजार करना होगा. पार्टी पिछले 22 वर्षों से दिल्ली की सत्ता से दूर है.
कांग्रेस, जो कभी राजधानी में एक शक्तिशाली पार्टी थी, फिर, एक और बुरी व हताशा वाली हार की ओर बढ़ रही है. यह एक भी सीट पर बढ़त का प्रबंधन करने में विफल रही है. अब पार्टी दिल्ली में एक भी विधायक के बिना पांच साल चुनाव का इंतजार करेगी. 2014 में हुए विधानसभा चुनावों के पहले कांग्रेस शीला दीक्षित की अगुवाई में दिल्ली में लगातार जीत हासिल कर रही थी.
अभी मतगणना चल रही है. दिल्ली भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी ने सहज जीत के साथ चुनाव जीतने का भरोसा जताया. कहा, “मुझे विश्वास है कि यह भाजपा के लिए एक अच्छा दिन होगा. हम आज दिल्ली में सत्ता में आ रहे हैं. समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अगर हम 55 सीटें जीतते हैं तो मुझे आश्चर्य होगा. दूसरी ओर, सिसोदिया भी AAP की जीत के प्रति आश्वस्त थे.
उधर, कांग्रेस प्रत्याशी और 2015 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर जीतीं अलका लांबा ने हार के बाद कहा कि दिल्ली में नए नेतृत्व की जरूरत है. हम संघर्ष करेंगे तो जीतेंगे भी. अलका ने कहा कि दिल्ली में हिन्दू-मुसलमान वोटों में सीधा ध्रुवीकरण हुआ.

 


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