तीनों सेना प्रमुखों के साथ रक्षा मंत्री करेंगी बैठक, गृहमंत्री ने कहा-देश निराश नहीं होगा

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद देशभर में फैली गुस्से की लहर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इन आशंकाओं के बीच कि इस बार भारत कुछ बड़ा कर सकता है. केंद्र सरकार में भी हलचल बढ़ गई है. राजस्थान के टोंक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे कड़ी चेतावनी दी. साथ ही दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक कर लंबी बातचीत की है. इसके पहले गृह मंत्री ने एनएसए अजीत डोभाल और कई अन्य एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक की है. अब रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन सोमवार को तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक करने वाली हैं. इन सभी बैठकों के केंद्र में पुलवामा हमले के बाद आतंकियों और उनके आकाओं के खिलाफ कार्रवाई का तानाबाना बने जाने की संभावना जताई जा रही है.
पुलवामा आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों को पाकिस्तानी समर्थन को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रमुख की 25 फरवरी को भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक होगी. ये बैठक सोमवार को शुरू होगी और दो दिन चलेगी. दो दिन की इस बैठक में आतंकवाद के मोर्चे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने पर चर्चा संभव है. सूत्रों का दावा है कि अधिकारियों को पुलवामा हमले में पाकिस्तान की भूमिका को बेनकाब करने को लेकर कहा जाएगा.
दो दिवसीय सम्मेलन में अमेरिका, रूस और अन्य मित्र देशों सहित दुनिया के महत्वपूर्ण देशों के साथ संबंधों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है. सैन्य संबंधों पर अपने विचार रखने के लिए विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों के भी सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है.
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुले तौर से भारत के समर्थन में आ चुके हैं. ट्रंप ने पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर कायराना हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव को बेहद खतरनाक बताया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है इस मामले में भारत कुछ बड़ा करने की सोच रहा है. ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 1.3 बिलियन डॉलर की मदद तत्काल प्रभाव से रोक दी है.
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों ने पुलवामा आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की. 14 फरवरी को हुए इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली. भारत के प्रस्ताव पर UNSC के P5 देशों (स्थाई सदस्यों) और 10 अस्थाई सदस्यों ने इस हमले की निंदा की, इनमें चीन भी शामिल है.

हमले के बाद भारत का पाक पर प्रहार

इस हमले के बाद से भारत पाकिस्तान पर राजनयिक, राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर प्रहार कर रहा है. भारत पाकिस्तान को दुनिया से अगल-थलग करने की लगातार कोशिश कर रहा है. वह हमले के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी छीन लिया. इसके अलावा पाकिस्तान से आने वाले सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 200 फीसदी तक बढ़ा दिया.

प्रतीक्षा कीजिए, देश निराश नहीं होगाः गृहमंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान का हुक्का-पानी बंद होने से हमें संतोष नहीं है. अभी यह सिर्फ शुरुआत है. अब बातचीत का वक्त निकल चुका है. क्या भारत भी उसी प्रकार की कार्रवाई कर सकता है जैसे अमेरिका ने अलकायदा प्रमुख ओसामा पर की थी, जैसे सवाल पर जब राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका को भी इस कार्रवाई करने में ढाई साल लगे थे, हमें इतना वक्त नहीं लगेगा. अभी आप प्रतीक्षा कीजिए, देश निराश नहीं होगा.
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक समुदाय को एक मंच पर लाने में कामयाब हुए हैं. उन्होंने कहा कि आज दुनिया के तमाम देश पुलवामा हमले की आलोचना कर रहे हैं. अब निर्णायक लड़ाई का वक्त है, अब आतंकवाद पर जो लड़ाई होगी वह निर्णायक होगी. उनका कहना है कि चीन भी पुलवामा हमले के बाद हमारे साथ खड़ा हुआ है और पाकिस्तान एक दम अलग-थलग है.

 

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