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#coronavirus वक्त है मानवता दिखाने का, मदद के लिए आगे आने का

#coronavirus वक्त है मानवता दिखाने का, मदद के लिए आगे आने का

पूरी दुनिया कोरोना जैसी गंभीर महामारी का सामना कर रही है। अब तक 17200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
डॉ. प्रितम भि. गेडाम
पूरी दुनिया कोरोना जैसी गंभीर महामारी का सामना कर रही है। अब तक 17200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। करीब 4 लाख लोग संक्रमित हैं। अमेरिका, इटली, ब्रिटेन, स्पेन, फ्रांस और चीन जैसे सक्षम देशों के साथ कई मुल्क खुद को स्थिर रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इटली, यूएस, स्पेन और चीन जैसे उन्नत और विकसित देशों को देखकर समझा जा सकता है कि वह किन हालात का सामना कर रहे हैं। ऐसी स्थिति मे विकासशील या अविकसित देशों का क्या हाल हो सकता है? भारत जैसे भारी जनघनत्व, कम शिक्षा और हर बात में राजनीति सूंघने वाले लोगों से भरे देश में संक्रामक रोगियों की संख्या बढ़ने पर मृतकों की संख्या गिनना मुश्किल हो सकता है। देश के बड़े चिकित्सक, डाटा एनालिस्ट और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान करते हुए इशारे में मुसीबतों की आहट को साफ कर दिया है। ऐसी विकट स्थिति को देखते हुए, हमें सबक लेना चाहिए और सरकार द्वारा निर्देशित नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए क्योंकि सुरक्षा ही बचाव का तरीका है।
देश में ऐसी गंभीर स्थिति को संभालना न केवल प्रशासन का कार्य है, बल्कि इसमे हम सभी नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है, तभी इस संकटकालीन स्थिति को दूर किया जा सकता है, अब हम इंसानो को केवल इंसानियत दिखानी है। आज हमारे देश में कर्फ्यू लॉकडाउन की स्थिति है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम सभी घर में ही रहें और कोरोना महामारी की बढ़ती श्रृंखला को तोड़ें। घर में ही सुरक्षित बने रखना भी एक समाजसेवा है।
मदद के लिए आगे आएं
देश की अधिकांश आबादी यह देहाडी मजदूरी, कामगार या छोटे-मोटे रोजमर्रा के कार्यों को करके जीवनयापन करते है ऐसे लोगो पर भूखे मरने की नौबत आ सकती हैं। उन्हें ऐसी स्थिति नहीं झेलनी पड़े, इसके लिए अब कई राज्य प्रशासन ने सहयोग करने की घोषणा की है। कई संगठन इस कठिन समय के दौरान लोगों को मुफ्त भोजन, मास्क, चिकित्सा आपूर्ति वितरित कर रहे हैं। राजस्थान राज्य सरकार ने कोविड -19 राहत कोष बनाया है। जहां लोग मदद कर रहे हैं। नागपुर महामेट्रो ने भी एक दिन का वेतन दिया है और पेंशनरों ने भी ऐसा ही किया है। देश के सभी सरकारी विभागों को भी इस तरह की कार्रवाई पर अमल करना चाहिए। देश मे कर्मचारियों और श्रमिकों की इन दिनो बिकट परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए, निजी कंपनियां और उद्यमीयों ने उनके वेतन में कटौती नहीं करना चाहिए। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, राज्यसभा सदस्य जया बच्चन समेत कई जनप्रतिनिधियों ने विधायक निधि से इलाज के इस्तेमाल आने वाले उपकरणों के लिए आर्थिक मदद मुहैया करायी है।
दुनियाभर के अमीर दानदाता ने धन जुटाया
बिल गेट्स, अलीबाबा फाउंडेशन, अमेजॅन, ऐप्पल, अंतर्राष्ट्रीय खेल संगठन, खेल प्रतिनिधि, पॉप स्टार, अमीर उद्योगपति, फैशन वल्र्ड और अन्य लोग इस वैश्विक महामारी में मदद के लिए आगे आए हैं और अरबो रुपए का फंड बनाया है। वैसे भी, विदेशों में बाढ़, जंगल की आग या किसी अन्य प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में, सेलिब्रिटी खेल हस्तियां और मशहूर हस्तियां, मदद के लिए सामने आते हैं। यही मानवता है जो समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक है।
भारत में दानदाता की स्थिति अलग क्यूं?
आज, भी हम महामारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं कि हमारा भविष्य कितना भयानक हो सकता है। देश में वेदांत इंडस्ट्री, हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 100 करोड़ और आनंद महिंद्रा ने वेंटिलेटर बनाने जैसे देश के कल्याण के लिए इस मुसीबत के समय आगे आए हैं, लेकिन देश के सेलिब्रिटी, अरबपति खेल के प्रतिनिधि विशेषकर क्रिकेटर्स, बड़े अरबपति नेता, अभिनेता, उद्यमीयों ने आगे आने और प्रशासन को वित्तीय सहायता करने की बहुत ही जरूरत हैं। आज, देश की जनसंख्या 1,37,63,60,251 को पार कर गई है और यहाँ अमीरी-गरीबी का अंतर भी बहुत बड़ा है। अर्थव्यवस्था के मद्देनजर, देश में आधे से ज्यादा पैसा चंद अरबपति और करोड़पति लोगों के पास है। ऐसे मे अब लोगो से कमाया हुआ पैसा, लोगो के सहायता मे थोडासा देना है क्योंकि यही वक्त है हमे अपने देश की स्थिती को संभालने की। अगर यह वक्त संभल गया तो हम बहुत बडी संकट की घडी को टाल पायेंगे।
नासमझी और लापरवाही छोडे़ं
आज देश के बहुत सारे लोग अपनी लापरवाही के चलते देश को डुबोने पर लगे है, चंद लोगो की गलती की सजा अब देश को चुकानी पड़ रही है और पड सकती है, यह एक गंभीर अपराध है, लेकिन कई लोग सोच रहे हैं कि कोरोना हमारा क्या करेगा? हमे कुछ नहीं होगा, बिना किसी सावधानी के लोग अभी भी घूमते रहते हैं, झुंड बनाते हैं, समाज में लोगों को इकट्ठा करते हैं, सोसायटियों मे हुजूम बनाते हैं, गलियों में मिलते हैं, पाबंदी के बावजूद घर से बाहर निकलकर पुलिस के साथ बहस करते हैं। ऐसी सभी गतिविधीयों पर पूरा नियंत्रण होना बहुत आवश्यक है। हमने पुलिस और जीवनावश्यक सुविधाओं में शामिल कर्मचारियों को पूर्ण सहायता करना, यह हमारी जिम्मेदारी हैं। घर में आवश्यक वस्तुओं का भंडारण न करें, दुकानदार भी उचित मूल्य लेकर चीजों को बेचे, ना कि इस कठिन समय में जनता को लूटे। अपने देश के वर्तमान परिस्थिती की गंभीरता समझें, संयम बरते, घर पर रहें और अपने देश, समाज, परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकारी नियमों का पालन करें।

 


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