बुलेट ट्रेन परियोजना में सीआईएसएफ देगी सुरक्षा के सूत्र, यात्रियों को तय समय के पहले होगा पहुंचना

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
बुलेट ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्री को स्टेशन पर कब रिपोर्ट करनी चाहिए? ट्रेन पर क्या नहीं किया जा सकता है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनको लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) के सवालों के जवाब दे रहा है.
मुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत में पहली बुलेट ट्रेन सेवा अगस्त 2022 में शुरू करने की योजना पर कार्य तेजी के साथ चल रहा है. चूंकि बुलेट ट्रेन हवाई जहाज के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी, इसलिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन यात्रियों को ट्रेन रवाना होने से कुछ पहले स्टेशन पहुंचने और अपनी सीट पर बैठने की अनुमति देकर एयरलाइनों के साथ कदम बढ़ाना चाहेगी.
सीआईएसएफ के अफसरों का कहना है कि “संगठन कई प्रतिष्ठानों को सुरक्षा परामर्श प्रदान करता है. चूंकि यह भारत के लिए पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. इसलिए एनएचएसआरसीएल ने हमसे परामर्श के लिए संपर्क किया है. इसके लिए सीआईएसएफ अन्य देशों की सुरक्षा संरचना (हाई स्पीड ट्रेनों) की समीक्षा करेगी.  उसी के अनुसार उपाय सुझाया जाएगा. बुलेट ट्रेन परियोजना के कई स्टेशन भारतीय रेलवे के स्टेशनों के साथ जुड़े होंगे. इसलिए रेलवे सुरक्षा बल को सुरक्षा के लिए भी इसे सौंपा जा सकता है. CISF निगरानी संरचना, तैनाती पैटर्न, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के लिए आवश्यकता और गाड़ियों के अंदर गश्त का सुझाव देगा.“
एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार एनएचएसआरसीएल के प्रवक्ता सुषमा गौड़ ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा विचाराधीन है. सभी बुनियादी ढांचे को सुरक्षा और संरक्षा के दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है. आरपीएफ पहले से ही निगम को कर्मचारियों की सुरक्षा में मदद कर रहा है. क्योंकि वे स्थानीय आबादी द्वारा विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक नेताओं द्वारा समर्थित व्यवधानों और राज्य प्रशासन से बहुत अधिक समर्थन नहीं होने के कारण परियोजना का सर्वेक्षण करने और अधिग्रहण करने के लिए जाने वाली टीमों की सुरक्षा के लिए भी जाते हैं.
सुषमा का कहना है कि आरपीएफ के अधिकारी राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर रहे हैं. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भूमि अधिग्रहण के दौरान कोई हिंसा न हो. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे ने रखी थी. बुलेट ट्रेन की शुरूआत धीमी गति से उच्च गति वाली ट्रेनों के युग में देश की पारी को चिह्नित करेगी. भारत में बुलेट ट्रेन 350 किमी प्रति घंटे की गति से चलने की योजना तैयार की गई है.
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