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#Chinavirus डीआरएम की आवभगत में सोशल डिस्टेंसिंग का कायदा भी भूल गए रेलवे के अफसर

#Chinavirus डीआरएम की आवभगत में सोशल डिस्टेंसिंग का कायदा भी भूल गए रेलवे के अफसर

बलिया। चीनी वायरस (कोरोना) के संक्रमण के खिलाफ जारी युद्ध में रेलवे ने हर नजरिये से खुद को फ्रंट लाइन का योद्धा साबित किया है

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

शशिकांत तिवारी

बलिया। चीनी वायरस (कोरोना) के संक्रमण के खिलाफ जारी युद्ध में रेलवे ने हर नजरिये से खुद को फ्रंट लाइन का योद्धा साबित किया है। युद्धकाल जैसी तैयारियों में जुटे रेलवे ने आइसोलेशन कोच बनाने, मॉस्क, हैंड्स सैनिटाइजर्स के निर्माण और असहायों को भोजन देने समेत दर्जनों ऐसे काम कर रहा है जो उसे संकट काल में मजबूत सिपाही के तौर पर खड़ा दिखाते हैं। लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी डिवीजन के अफसरों ने मंडल रेल प्रबंधक की अगुवानी और जी-हुजूरी में एक ऐसी गलती कर दी जिसे लेकर खुद रेलवे ही रोजाना लोगों को जागरूक कर रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री पीयुष गोयल भी प्रतिदिन सोशल डिस्टेंसिंग का नारा लगा रहे हैं, जिससे महामारी के वायरस के संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा सके।
दरअसल, मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी विजय कुमार पंजियार ने मंगलवार को वाराणसी से छपरा रेल खंड के सभी स्टेशनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ही वह बलिया रेलवे स्टेशन पर भी पहुंचे। सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था के अनुसार अफसरों और कर्मचारियों को कम से कम 1-1 मीटर की दूरी पर खड़ा होना या करना चाहिए था। परंतु ऐसा करने के बजाय शाखा प्रबंधकों और बलिया स्टेशन के प्रबंधक समेत अन्य स्टॉप सुपरवाइजर्स ने डीआरएम की हुजूरी में ऐसा मस्का लगाया कि प्लेटफार्म पर कर्मचारियों की भीड़ जुटा दी।
प्लेटफार्म पर सामने ही कर्मचारियों की भीड़ जुटी तो डीआरएम पंजियार ने भी उन्हें दूर कराने का निर्देश देने के बजाए खुद उनसे बातचीत करने में मशगूल हो गए। डीआरएम ने विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को राहत प्रदान करने के लिए फल, बिल्किट और राशन के पैकेट भी वितरित किए लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग जैसा जरूरी पहलू वह सोच भी नहीं पाए।
बताते हैं कि कर्मचारियों की भीड़ का यह दृष्य केवल एक स्टेशन का नहीं था। वाराणसी से लेकर बलिया तक ज्यादातर बड़े स्टेसनों पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। हैरत इस बात की है कि डीआरएम और अन्य अफसरों की निगाह कर्मचारियों की भीड़ पर तब भी नहीं गई, जबकि वह उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ा रहे थे।
मजेदार यह है कि स्पेशल ट्रेन पर चल रही मेडिकल टीम में डाॅ. नीरज कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उन्हें कोरोना से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों को व्यवहार में लाने तथा सुरक्षित दूरी यानि सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर अपना कार्य करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा था। लेकिन इस पूरी कवायद में भीड़ सामने खड़ी ही रही।

बता दें कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट की बैठक, मंत्रिसमूह, अफसरों, सांसदों, मुख्यमंत्रियों की बैठकों में रोजाना इसका सख्ती से पालन कर रहे हैं। रेलवे बोर्ड में भी इस पर सख्ती दिखाई जा रही है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोजाना असहायों को भोजन कराने के दौरान भी रेलवे सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान देता है। फिरभी, फील्ड के अफसरों की यह अनदेखी समझ के परे है।

डीआरएम की स्पेशल ट्रेन वाराणसी सिटी से रवाना होकर औड़िहार, नंदगंज, सैदपुर भीतरी, गाजीपुर सिटी, बलिया, सहतवार, सुरेमनपुर स्टेशनों पर रुकते हुए जो छपरा जंक्शन तक गयी। इस ट्रेन में मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार के साथ ही वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) राजीव अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर-२ प्रवीण कुमार पाठक, वरिष्ठ मंडल चिकित्साधिकारी डाॅ. नीरज कुमार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर ओएण्डएफ अरविंद कुमार व वरिष्ठ पर्यवेक्षक मौजूद थे।

 


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