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#Chinavirus भारतीयों से अरबों कमाने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां जरूरत के समय नदारद- कैट

#Chinavirus भारतीयों से अरबों कमाने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां जरूरत के समय नदारद- कैट

कैट ने सरकार को लिखा है और व्यापारियों के लिए एक विशिष्ट आर्थिक राहत पैकेज मांगा है ताकि भारत के 7 करोड़ व्यापारी इस कोरोना महामारी का दृढ़ता से मुकाबला कर सकें

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद निंदनीय है कि कोरोना वायरस के कारण वैश्विक और राष्ट्रीय संकट के इस बेहद कठिन समय में ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपने पोर्टलों के संचालन को रोक दिया है और राष्ट्र की जरूरतों को पूरा करने में विफल साबित हो रहे हैं।
कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र गोयल ने कहा कि ई कॉमर्स पोर्टल्स द्वारा किया गया यह गैर जिम्मेदरान व्यवहार इसलिए भी निंदनीय है क्योंकि ऐसे विकत समय में में जहां सभी वाणिज्य वर्गों को अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभानी चाहिए और देश की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ऐसे में ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा अपने पैर खीचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि वास्तव में विकत संकट के इस समय व्यापार करना उन्हें लाभदायक नहीं लगता है।
उन्होंने आगे कहा कि ये ई वाणिज्य पोर्टल जिनके पास अपार संसाधन है और अभी तक वो छोटे खुदरा विक्रेताओं के व्यापार को नष्ट करने के लिए साल भर दुर्भावना में लिप्त रहते हैं, अब वो पूरी तरह से अज्ञातवास में चले गए हैं जबकि देश को आईएएस समय उनके पोर्टल की बेहद आवश्यकता है और उन्हें अब केवल ‘उचित मौसम मित्रों’ के रूप में पहचाना जा सकता है !
अजय अग्रवाल का कहना है कि देश भर में आवश्यक वस्तुओं के वितरण में व्यापारियों द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की, जो सभी दिक्कतों के खिलाफ भी और कोरोना से संक्रमित होने की प्रबल संभावनाओं के बावजूद अपने स्वयं के जीवन को खतरे में डालकर देश भर में निर्बाध आपूर्ति श्रंखला बहुत बेहतर तरीके से चला रहे हैं । ऐसी विकट परिस्थितियों में व्यापारी निस्वार्थ भाव से और देश की जनता को आवश्यक वस्तुएं प्रदान करने में कोई कोताही नहीं बरत रहा है। भारत के व्यापारियों ने प्रधान मंत्री द्वारा दिए गए आह्वान के अनुरूप यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी भारतीय भुखमरी और गरीबी के कररण से प्रताड़ित न हो ! दोनों नेताओं ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के लगभग 1.25 करोड़ व्यापारियों में से वर्तमान में विभिन्न लॉकडाउन प्रतिबंधों और अन्य बाधाओं के चलते लगभग 25 % व्यापारी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे हैं !
दोनों नेताओं ने कहा कि देष में व्यापार का भविष्य कोरोना के चलते फिलहाल अनिश्चित है। पिछले 20 दिनों में भारतीय खुदरा क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की हानि हो रही है! भारत में लगभग 7 करोड़ व्यापारियों में से लगभग 6.5 करोड़ व्यापारी लॉक डाउन के कारण अपना व्यापार बंद किये हुए हैं !
कैट ने सरकार को लिखा है और व्यापारियों के लिए एक विशिष्ट आर्थिक राहत पैकेज मांगा है ताकि भारत के 7 करोड़ व्यापारी इस कोरोना महामारी का दृढ़ता से मुकाबला कर सकें !

 


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