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#Chinavirus संत-धर्माचार्यों, मठ-मंदिरों के ट्रस्टियों से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अपील- फिर निभाएं “भामाशाह “की भूमिका

#Chinavirus संत-धर्माचार्यों, मठ-मंदिरों के ट्रस्टियों से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अपील- फिर निभाएं “भामाशाह “की भूमिका

श्री मौर्य इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए लगातार सक्रिय हैं

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लखनऊः प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने देश में फैले चाइना वायरस (कोरोना वायरस) संक्रमण से आहत हो रहे समाज के सहयोग के लिए सोमवार को देश के संत धर्माचार्यों और प्रसिद्ध मठ मंदिरों के ट्रस्टियों से मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि आप अभी तक समाज का मार्गदर्शन अपने प्रवचनों के द्वारा सेवा कार्यों के द्वारा करते आए हैं,जिसे देश की जनता देखती आई है। लेकिन अब आपको एक बार पुनः पूर्व की भांति “भामाशाह “की भूमिका में आना होगा।
श्री मौर्य इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए लगातार सक्रिय हैं। उनका संदेश लगातार प्रदेश और देश की जनता को प्रसारित हो रहा है। आज उन्होंने एक बार पुनः देश के धार्मिक जगत से “महामारी” मे जूझ रहे समाज के सहयोग के लिए मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है जब-जब राष्ट्र के मान सम्मान पर आंच आई, संकटों के बादल छाये तब-तब देश की संतशक्ति ने अग्रणी भूमिका निभाई। उनके द्वारा संचालित मठ-मंदिर देवालय, चिकित्सालय पीड़ित समाज के आश्रय स्थल और समाज द्वारा प्राप्त दान को ज्यों का त्यों समाज को “भामाशाह ” बनकर समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान स्वयं प्रत्येक स्वरूप में समाज के संकयदाहटमोचक बनकर इस धरा पर आए-
“यदा यदाहि धर्मस्य-तदात्मानमसृजामिहम “
यानि जब-जब धर्म समाज की हानी होती है वह आते हैं। आदिशंकर, नानक, रामानुज, स्वामी रामानन्द तथा श्रृषि दयानन्द जैसे संत उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि राम -कृष्ण और शंकर के इस देश में आज “कोरोना जैसी महामारी से सभी पीड़ित हैं। देश के अनेक प्रमुख संगठन और प्रसिद्ध नागरिक इस विकट संकट मे “भामाशाह” की भूमिका का निर्वाहन कर रहे हैं। ऐसे में समाज का ध्यान देश के पूज्य संतों की ओर जाना स्वाभाविक है। आपने सदैव विपरीत परिस्थियों में अपनी निस्वार्थ सेवा से समाज का उद्धार किया है।
उन्होंने कहा कि समाज को स्मरण है किस प्रकार देश के कोने-कोने मे निवास करने वाले संतधर्माचार्यों ने जून 2013 उत्तराखंड में भीषण बारिश के कारण आई प्राकृतिक आपदा में, 26 जनवरी 2001 गुजरात में भूकंप, 2005 में मुंबई महाराष्ट्र की बाढ़, 2008 अगस्त के दौरान बिहार, झारखंड कोसी नदी में बाढ़, भारत में सुनामी 2004 ही नहीं,  अप्रैल 2015 मे नेपाल राष्ट्र में आयी भूकंप की प्राकृतिक त्रास्दी में हर संभव सहायता प्रदान की। एक बार फिर आप के संरक्षण मे संचालित हो रहा यह देश आप की ओर पुनः आशान्वित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान, निवेदन हम सभी के लिए विचारणीय है। सरकार अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति निष्ठावान जागरूक है। हर प्रकार से देश पर आये इस घनघोर संकट से समाज के साथ मिलकर संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि पूज्य संतों के ही श्रीमुंख से देश सुनता आया है कि “नर सेवा नारायण सेवा” जिसका पालन देश की सेवा मे विभिन्न प्रकार से तत्पर नागरिक संगठन और संस्थायें कर रही हैं। लेकिन इतने सहयोग के पश्चात भी देश संतों की कृपा के बिना अधूरा है। अब देश की संपूर्ण संत शक्ति को इस दुखद समय संवेदनशील हो कर अपने साधना योग तपस्या की शक्ति का उपयोग कर समाज का हाथ पकड़ना ही देश के लिए श्रेष्ठकर होगा।

 


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